सिखों की पगड़ी और कृपाण पर सवाल को लेकर अल्पसंख्यक आयोग सख्त, मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली, 12 सितंबर। सुप्रीम कोर्ट में हिजाब मामले में सिखों की पगड़ी और कृपाण पर सवाल और अदालत के दो टूक के बाद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने मामले में टिप्पणी की है। आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने डीएमआरसी के अध्यक्ष और दिल्ली के मुख्य सचिव से मामले पर रिपोर्ट मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हिजाब की तुलना पगड़ी और कृपाण से की गई। जिस पर अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिखों के कृपाण और पगड़ी की हिजाब से कोई तुलना नहीं है क्योंकि सिखों के लिए पगड़ी और कृपाण पहनने की अनुमति है। सर्वोच्च अदालत में ये टिप्पणी शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को बरकरार रखने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कही थी।
दरअसल, सुप्रीम में सिखों की पगड़ी और कृपाण को लेकर ये टिप्पणी शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब को उचित ठहराने ने सुप्रीम कोर्ट में की गई। एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील निजामुद्दीन पाशा ने कृपाण, पगड़ी और हिजाब के एकसमान ठहराने की कोशिश की थी।
वहीं सिखों की परंपरा पर सवाल उठने पर इकबाल सिंह ने कहा है कि संविधान का अनुच्छेद 25 सिख व्यक्तियों द्वारा कृपाण पहनने और ले जाने की अनुमति देता है। मामले में आयोग ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने डीएमआरसी के अध्यक्ष और दिल्ली के मुख्य सचिव से मामले में रिपोर्ट मांगी है और कार्रवाई की बात कही है।












Click it and Unblock the Notifications