जान जोखिम में डालकर घर लौट रहे प्रवासी मजदूर, सिर पर सामान रख कर रहे यमुना पार, देखें Video
नई दिल्ली। देश में लॉकडाउन लगने के बाद से हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर शहरों को छोड़कर अपने-अपने घरों की ओर जा रहे हैं। अपने घरों तक पहुंचने के लिए जहां कुछ पैदल जा रहे हैं, तो वहीं कुछ नदी तक पार कर रहे हैं। सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने यमुना नदी को पार किया ताकि वह दूसरे राज्यों में स्थित अपने गांवों तक पहुंच सकें। अपने सिर पर सामान लादकर इन लोगों को बड़ी संख्या में नदी पार करते देखा जा रहा है। इसकी कई तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

हैरानी की बात ये है कि इस दौरान कई बच्चे भी ऐसे हैं, जिन्हें नदी पार करनी पड़ रही है। प्रवासी मजदूर अपने सिर पर सामान उठाकर और अपने बच्चों को कंधों पर बिठाकर नदी पार करा रहे हैं। हरियाणा में भी कई मजदूरों को नदी पार कर उत्तर प्रदेश और बिहार स्थित अपने घरों को जाते देखा गया है। इस बीच कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो टायर में बैठकर नदी पार कर रहे हैं। इनमें से एक ने कहा कि 'अब हमारे पार घर पहुंचने का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है, तो हम क्या कर सकते हैं। हमारे पास नौकरी भी नहीं है।'
कुछ यमुनानगर जिले से नदी पार करने के बाद गुरुवार रात उत्तर प्रदेश के शामली पहुंचे। तो कुछ ने करनाल जिले से उत्तर प्रदेश के रास्ते अपने बिहार स्थित घर पहुंचने के लिए यात्रा शुरू की। प्रवासी मजदूर नदी इसलिए पार कर रहे हैं क्योंकि कई राज्यों की सीमाएं बंद पड़ी हैं। ऐसे में प्रशासन की अनुमति के बिना सीमा पार करने की इजाजत नहीं है। मार्च के अंत से देश में लॉकडाउन लगा हुआ है, तब से हजारों की संख्या में मजदूर अपने घरों की ओर जा रहे हैं। कई मजदूर तो रास्ते में ही हादसों का शिकार तक हो गए हैं।
हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि अगर प्रवासी मजदूर सड़कों पर पैदल चलते पाए जाते हैं, तो उन्हें पास के आश्रय गृह में ले जाया जाना चाहिए और उनके भोजन-पानी की जिम्मेदारी प्रदेश सरकारों के ऊपर होगी। राज्यों की जिम्मेदारी होगी कि वो फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को आवाजाही की सुविधा प्रदान करें, जो अपने गृह राज्यों में जाने के इच्छुक हैं।












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