Mi-17V5 हादसा: चश्मदीद ने कहा- पेड़ों से टकराया, फिर आग का गोला बनकर गिरा हेलिकॉप्टर
कुन्नूर। भारतीय वायुसेना का Mi-17V5 हेलिकॉप्टर आज दोपहर 12:20 बजे तमिलनाडु में कुन्नूर के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका समेत सेना के 14 लोग सवार थे। जिस जगह हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वहां मौजूद लोगों ने उसे गिरते हुए देखा। दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के पास स्थानीय लोग ही सबसे पहले पहुंचे थे, उन्होंने तरह-तरह से आग बुझाने की कोशिश की।

चश्मदीद बोला- आग का गोला बन गया था हेलिकॉप्टर
घटना के एक चश्मदीद ने कृष्णास्वामी ने बताया, "मैंने पहली बार एक तेज आवाज सुनी। जब मैं यह देखने के लिए बाहर आया कि क्या हुआ, तो मैंने देखा कि हेलीकॉप्टर एक पेड़ से टकरा गया था। वह आग के गोले की तरह दिख रहा था और चंद सेकंड में दूसरे पेड़ से टकरा गया। मैंने दो-तीन लोगों को हेलिकॉप्टर से गिरते देखा। कई के शरीर में आग लगी थे और वे पूरी तरह जल गए थे।"
कृष्णास्वामी ने कहा कि, हेलिकॉप्टर आकार में बहुत बड़ा था। मैंने उस हेलिकॉप्टर को कुछ ही दूर पेड़ों से टकराते देखा। वह आग की लपटों में घिर गया था। उसके गिरते ही जंगल में आग और धुंआ का गुबार नजर आने लगा।
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सबसे पहले स्थानीय लोगों ने ही आग बुझाना शुरू किया
उन्होंने आगे कहा, "मैंने इलाके में रहने वाले लोगों को बुलाया और हम भागकर वहां पहुंचे। हमने मदद करने की कोशिश की। सूचना मिलने पर कुछ समय बाद दमकल विभाग और अन्य इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें आईं।"
न्यूज एजेंसी ने बताया कि, उक्त हेलिकॉप्टर में सवार लोगों में कई के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस हादसे के करीब एक घंटे बाद यह जानकारी दी गई कि जनरल रावत को वेलिंगटन के मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया है, हालांकि उनकी स्थिति क्या है, इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जनरल बिपिन रावत गंभीर रूप से घायल हैं।

भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है यह हेलिकॉप्टर
Mi-17V5 रूस निर्मित हेलिकॉप्टर है। रूसी कंपनी द्वारा इसे पर्सनल, कार्गो और इक्विपमेंट्स ले जाने के लिए डिजाइन किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि, इसमें दमदार इंजन होते हैं। इसलिए, इसे भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है। प्रधानमंत्री तक इसका इस्तेमाल करते रहे हैं। इसके बाहरी तरफ भी एक स्लिंग लगी होती है, जिसमें कार्गो कैरी कर सकते हैं।

इसका प्राइमरी टास्क ग्राउंड पर टारगेट्स को खत्म करना और घायलों को बचाना है। हीट सीकिंग मिसाइल के खिलाफ इसमें सेल्फ डिफेंस सिस्टम होता है। यह हेलिकॉप्टर अनगाइडेड रॉकेट्स, तोपें और छोटे हथियार ढोता रहा है। ऐसे में इस तरह के हेलिकॉप्टर का दुर्घटनाग्रस्त होना बहुत चिंताजनक माना जा रहा है।












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