Meta Layoffs: 'सुबह 3 बजे बेटी को दूध पिलाने उठी तो छंटनी का मेल मिला', छलका एक मां का दर्द
नौकरी से निकाले जाने का एक मेल मेटा कंपनी की एक ऐसी महिला को भी मिला है, जो इस वक्त मैटरनिटी लीव पर हैं और सुबह करीब 3 बजे अपने बच्ची को दूध पिलाने के लिए उठी थीं।
Meta layoff news: ट्विटर के बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के मेल मिलने शुरू हो गए हैं। सितंबर के महीने में ही मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कंपनी के अधिकारियों को छंटनी के बारे में बता दिया था, जिसके बाद 11 नवबंर को छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस बीच नौकरी से निकाले जाने का एक मेल कंपनी की एक ऐसी महिला को भी मिला है, जो इस वक्त मैटरनिटी लीव पर हैं और सुबह करीब 3 बजे अपने बच्ची को दूध पिलाने के लिए उठी थीं। महिला ने अपनी पूरी कहानी लिंक्डइन पर शेयर की है।

'मेल पढ़कर मेरा दिल बैठ गया'
भारतीय मूल की एनेका पटेल मेटा कंपनी में कम्युनिकेशन मैनेजर के पद पर थीं और अब उन 11 हजार कर्मचारियों में शामिल हैं, जो छंटनी का शिकार हुए हैं। एनेका पटेल ने लिंक्डइन पर शेयर अपनी स्टोरी में बताया, 'मैं अभी मैटरनिटी लीव पर हूं और सुबह करीब 3 बजे अपनी तीन महीने की बेटी को दूध पिलाने के लिए उठी थी। सुबह 5:35 बजे मैंने जब मेल चेक किया तो पता चला कि मुझे नौकरी से निकाल दिया गया है। मेल पढ़कर मेरा दिल बैठ गया।'

'आगे क्या करूंगी, जवाब देना मुश्किल'
एनेका पटेल ने कहा, 'मैंने इस बारे में सुना था कि कंपनी छंटनी कर रही है और उसी वजह से मैंने अपना मेल चेक किया। अब मैं आगे क्या करूंगी, इसका जवाब देना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। मेरी मैटरनिटी लीव फरवरी में खत्म होने वाली है और ये शुरुआती महीने मेरे लिए बहुत चुनौतीभरे हैं। इस दौरान मुझे ये सब भी देखना होगा, ऐसा नहीं सोचा था।'

मई 2020 में एनेका ने ज्वॉइन किया मेटा
आपको बता दें कि एनेका पटेल अकेली नहीं हैं, बल्कि ऐसे कई लोग और भी हैं, जो अपने मुश्किल हालात में ट्विटर और मेटा की छंटनी पॉलिसी का शिकार हुए हैं। कोविड महामारी के बीच जब लोग घरों में कैद थे और ऑनलाइन ट्रैफिक में बेतहाशा इजाफा हुआ तो मेटा ने बड़े स्तर पर कंपनी में लोगों की भर्ती की और उसी दौरान मई 2020 में भी एनेका पटेल ने मेटा में नौकरी पाई। लेकिन, अब कंपनी का कहना है कि वो नुकसान में है और इसलिए स्टाफ में कटौती कर रही है।

'नए साल के बाद नौकरी के बारे में सोचूंगी'
एनेका पटेल ने आगे बताया, 'मेटा में नौकरी के लिए मैं लंदन के अपने घर से अमेरिका शिफ्ट हुई थी। अब अगले कुछ महीने मैं अपना पूरा टाइम बस अपनी बेटी को दूंगी और नए साल के बाद नौकरी के बारे में सोचूंगी।' ऐसे ही एक और कर्मचारी हिमांशु वी ने भी बताया कि वो मेटा में नौकरी मिलने के बाद भारत से कनाडा शिफ्ट हुए थे।

'मेटा ने की 13 फीसदी स्टाफ की कटौती'
अपनी लिंक्डइन पोस्ट में हिमांशु ने लिखा, 'करियर की नई उम्मीदों के साथ मैं मेटा में नौकरी के लिए कनाडा आया और ज्वॉइनिंग के दो दिन बाद ही मेरा सपना टूट गया, क्योंकि मैं भी कंपनी की छंटनी पॉलिसी का शिकार हुआ। मेरा दिल उन सभी लोगों के बारे में सोच रहा है, जो मेरी तरह इस मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं।' गौरतलब है कि मेटा ने जहां अपने स्टाफ में 13 फीसदी की कटौती की है, वहीं ट्विटर ने कंपनी से करीब 50 फीसदी लोगों को नौकरी से निकाला है।












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