केरल के सभी उच्च शिक्षण संस्थान में छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी देने की तैयारी, सरकार ने किया ऐलान

Menstrual leave: केरल सरकार ने प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी देने का किया है ऐलान। जल्दी इसे सभी कॉलेज में लागू किया जाएगा।

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Menstrual Leave in Kerala: केरल सरकार प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रही छात्राओं को लेकर बड़ी घोषणा करने की तैयारी कर रही है। । केरल सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान छुट्टी देने का ऐलान किया है। केरल की उच्च शिक्षा मंत्री कहा कि हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि प्रदेश सरकार के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेज में छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी दी जाए। हालांकि यह साफ नहीं है कि छात्राओं को कितने दिन की छुट्टी दी जाएगी। लेकिन जो रिपोर्ट सामने आई है उसके अनुसार मासिक धर्म की छुट्टी के लिए छात्रा की उपस्थिति कम से कम 33 फीसदी होनी अनिवार्य होनी चाहिए। जो भी छात्रा इस मानक को पूरा करती है उसे छुट्टी के लिए आवेदन करने का अधिकार होगा। सरकार इसफैसले को प्रदेशभर के कॉलेज में लागू करने का विचार कर रही है।

केरल के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले कॉलेज में छात्राओ को मासिक धर्म की छुट्टी दी जाएगी। इससे पहले कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में सबसे पहले इसकी शुरुआत की गई थी। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने इसे सभी सरकारी कॉलेज में लागू करने का फैसला लिया है। उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने कहा कि सरकार ने फैसला लिया है कि वह इस फैसले को सभी राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों में लागू करेगी।

अपने फेसबुक पोस्ट में उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्राओं की मासिक धर्म के दौरान मानसिक और शारीरिक दिक्कतों को देखते हुए सभी विश्वविद्यालयों में मासिक धर्म की छुट्टी देने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कोचीन विश्वविद्यालय के फैसले की तारीफ करते हुए आर बिंदू ने कहा कि केरल में ऐसा पहली बार है जब किसी शिक्षण संस्थान ने छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी दी है। दरअसल एसएफआई छात्र यूनियन ने इसको लेकर अपनी मांग उठाई थी। जिसके बाद 11 जनवरी को विश्वविद्यालय में इसे लागू कर दिया गया।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह काफी संतोषजनक है कि छात्र नेतृत्व सफल हो रहा है। मासिक धर्म का समय ऐसा होता है जब छात्राएं भावुक तौर पर कमजोर होती हैं। ऐसे में उन्हें आराम की जरूरत होती है। बता दें कि CUSAT में कुल 8000 छात्र पढ़ते हैं, जिसमे से तकरीबन आधी छात्राएं हैं। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि छात्राओं की मुश्किल को देखते हुए वाइस चांसलर ने छात्राओं को उपस्थिति में 2 फीसदी की राहत दी है। हर सेमेस्टर में छात्राओं को दो फीसदी उपस्थिाति में राहत मिलेगी।

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