मोदी बोले अम्बेडकर को नहीं दिया महत्व, राहुल ने कहा 'टॉफी मॉडल' लाए हैं मोदी

मोदी बोले कि अंबेडकर की मृत्यु के 40 साल बाद जब दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी, तब जाकर बाबा साहब को भारत रत्न दिया गया। संसद में बाबा साहब का चित्र कांग्रेस ने रखने नहीं दिया। पहली बार भाजपा के समर्थन वाली सरकार ने बाबा साहब का चित्र संसद में रखा। सोनिया जी आप तो मां हैं। यहां बच्चे मिलावटी पानी पी रहे हैं और आप बिसलरी का पानी पीती हैं।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नारा 'जय जवान, जय किसान' नहीं 'मर जवान, मर किसान' है। इनके राज में हर हफ्ते 13 दलितों की हत्या होती है, 6 का अपहरण होता है, 21 दलित महिलाओं का बलात्कार होता है। दलितों के घरों को आग लगा दी जाती है। 70 फीसद दलित महिलाएं अशिक्षित हैं।
मोदी बोले, देश का दुर्भाग्य है कि बाबा साहब अंबेडकर ने हमें जो अधिकार दिए थे, उनका इस्तेमाल कांग्रेस नहीं करने दे रही। मोदी ने पूछा, भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बोलने के अधिकार को किसने छीन लिया। उन्होंने सोनिया गांधी से पूछा कि मनमोहन सिंह के मुख पर कहां का ताला लगा हुआ है।
यही नहीं, उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शहजादे दिन रात डॉ. अंबेडकर का अपमान करते रहते हैं और खुश होते हैं। मोदी ने शाहजहांपुर में कहा कि कांग्रेस डॉ अंबेडकर का अपमान किया। बाबा साहब द्वारा बनाए गए कानून का श्रेय राहुल गांधी लेते हैं।
रहुल ने भी किया पलटवार -
नरेन्द्र मोदी पर किए गए तीखे हमले में राहुल गांधी ने उनके प्रचारित किए जाने वाले मॉडल को को 'टॉफी मॉडल' करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में केवल एक उद्योगपति को फायदा पहुंचा है तथा किसानों एवं गरीबों की अनदेखी कर दी गई।
उन्होंने कहा कि भाजपा अपने प्रचार पोस्टरों में महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करती है। इसके पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरएसएस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मंगलूर के पबों में महिलाओं की पिटाई की तथा गुजरात के मुख्यमंत्री ने अपनी ताकत एवं पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल एक महिला के फोन को टैप करने के लिए किया।
राहुल ने एक चुनावी रैली में कहा कि गुजरात मॉडल के बारे में मैं आपको बताना चाहता हूं। क्या आपने आडवाणी के बारे में सुना है। आडवाणी, जसवंत सिंह को दरकिनार कर दिया गया है। अब एक नए नेता का उदय हुआ है। वह नरेन्द्र मोदी हैं। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी की भागीदारी हुआ करती थी। अब मोदी और अडानी की भागीदारी है।
उन्होंने कहा कि औरंगाबाद के आकार की भूमि़ 45000 एकड़ महज 300 करोड़ रुपये में दे दी गई। यह टॉफी मॉडल है, गुजरात मॉडल नहीं। एक रुपये में आपको यहां टॉफी मिलती है। उनकी जमीन को एक रुपये प्रति मीटर के दाम पर बेच दिया गया। यह गरीबों और किसानों की जमीन थी। कुछ इसी तरह रैलियों के सहारे एक दूसरे के दोषगान का दौर जारी है।












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