कौन हैं मिर्जापुर की सानिया मिर्जा, जो बनेंगी देश की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट, पिता हैं टीवी मकैनिक
एनडीए परीक्षा में 149वीं रैंक हासिल कर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की सानिया मिर्जा देश की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट बनेंगी। सानिया मिर्जा हिंदी मीडियम की छात्रा हैं और उनके पिता एक एक टीवी मकैनिक हैं।

Mirzapur Sania Mirza: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की रहने वाली सानिया मिर्जा भारतीय वायुसेना में देश की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट बनने जा रही है। सानिया मिर्जा का ये बचपन का सपना था, जो अब सच हो गया है। मिर्जापुर के एक टीवी मैकेनिक की बेटी सानिया मिर्जा भारतीय वायुसेना में देश की पहली मुस्लिम महिला फाइटर बनने जा रही है, ऐसा करके उन्होंने इतिहास रच दिया है। सानिया मिर्जा ने एनडीए की परीक्षा में 149वीं रैंक हासिल की है। सानिया मिर्जा ने कहा, "मैं फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी से बहुत प्रेरित थी और उन्हें देखकर मैंने एनडीए में शामिल होने का फैसला किया। मुझे उम्मीद है कि युवा पीढ़ी किसी दिन मुझसे भी प्रेरित होगी।''

कौन हैं मिर्जापुर की सानिया मिर्जा
सानिया मिर्जा मिर्जापुर के देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के छोटे से गांव जसोवर की रहने वाली हैं। सानिया मिर्जा ने प्राथमिक से 10वीं तक की शिक्षा गांव के ही पंडित चिंतामणि दुबे इंटर कॉलेज से पूरी की है। सानिया ने मिर्जापुर के गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की हैं। सानिया यूपी 12वीं बोर्ड में डिस्ट्रिक्ट टॉपर बनी थीं। 10 अप्रैल 2022 को सानिया एनडीए परीक्षा 2022 के लिए उपस्थित हुई थीं।

सानिया के पिता है टीवी मकैनिक
सानिया के माता-पिता के साथ-साथ गांव वाले भी उस पर गर्व महसूस कर रहे हैं। सानिया के पिता पेशे से एक टीवी मकैनिक हैं। सानिया के पिता शाहिद अली ने कहा, 'सानिया मिर्जा देश की पहली फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी को अपना आदर्श मानती हैं। वह शुरू से ही उनकी तरह बनना चाहती थीं। सानिया देश की दूसरी ऐसी लड़की हैं, जिन्हें फाइटर पायलट के तौर पर चुना गया है।"

सानिया की मां तबस्सुम ने कहा- हमारी बेटी ने...
सानिया की मां तबस्सुम मिर्जा ने कहा, "हमारी बेटी ने हमें और पूरे गांव को गौरवान्वित किया है। वह पहली फाइटर पायलट बनने के सपने को पूरा करने वाली हैं। उसने गांव की हर लड़की को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।"

हिंदी मीडियम से पढ़ने वाले लोग भी अपने सपनों को कर सकते हैं पूरा: सानिया
हिंदी मीडियम के स्कूल में पढ़ने वाली सानिया ने कहा कि हिंदी मीडियम के छात्र भी ठान लें तो सफलता हासिल कर सकते हैं। सानिया मिर्जा ने कहा, "फाइटर पायलट विंग में महिलाओं के लिए केवल दो सीटें आरक्षित थीं। मैं पहले प्रयास में एक सीट हासिल करने में असफल रही। हालांकि, मैं दूसरे प्रयास में एक सीट हासिल करने में सफल रही।"

किसे देती हैं सानिया अपने सफलता का श्रेय
सानिया अपने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी को देती हैं। सानिया मिर्जा देश की दूसरी ऐसी लड़की हैं, जिन्हें फाइटर पायलट के तौर पर चुना गया है। सानिया ने कहा कि वह हमेशा से फाइटर पायलट बनना चाहती थीं।
एग्जाम क्लियर करने के बाद अब सानिया अब अपने इंटरव्यू की तैयारी के लिए अकादमी में शामिल होने वाली हैं। 27 दिसंबर को सानिया पुणे में एनडीए खडकवासला में शामिल होंगी।












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