Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कैलाश मानसरोवर यात्रा में पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी जख्मी, रीढ़ की हड्डी में चोट, कैसे हुआ हादसा?

Meenakshi Lekhi Health Update: कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी तिब्बत के दारचिन क्षेत्र में घोड़े से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।

उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट की पुष्टि हुई है, जिसके चलते उनकी यात्रा बीच में ही रुक गई है। पिथौरागढ़ प्रशासन ने उन्हें हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर देहरादून लाने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन भारी बारिश के कारण मौसम की चुनौती बनी हुई है।

Meenakshi Lekhi Health Update

क्या हुआ हादसा?

मीनाक्षी लेखी कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे दल के साथ तिब्बत में थीं, जिसमें 48 यात्री शामिल थे, जिनमें 14 महिलाएं थीं। यह दल 8 जुलाई को दिल्ली से रवाना हुआ था और 14 जुलाई को लिपुलेख पास पार कर तिब्बत पहुंचा था। शनिवार को माउंट कैलाश की परिक्रमा के दौरान दारचिन में मीनाक्षी लेखी घोड़े पर सवार थीं। अचानक घोड़ा बेकाबू हुआ और वह जमीन पर गिर गईं। गिरने से उनकी कमर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई।

हादसे के तुरंत बाद उन्हें यात्रा मार्ग पर बने अस्थायी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक्स-रे में रीढ़ की हड्डी में चोट की पुष्टि हुई। उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल भारत वापस लाने का फैसला लिया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन की योजना

पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी तैयारी कर ली है। रविवार (20 जुलाई) को मीनाक्षी लेखी को वाहन के जरिए तिब्बत के लिपुलेख पास तक लाया जाएगा। यहां से उन्हें स्ट्रेचर या अन्य साधनों के जरिए नाभीढांग तक पैदल लाना होगा, जो भारतीय सीमा का आखिरी पड़ाव है। नाभीढांग से हेलीकॉप्टर के जरिए उन्हें देहरादून ले जाया जाएगा, जहां उनकी आगे की चिकित्सा होगी।

हालांकि, भारी बारिश और खराब मौसम इस रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बन सकता है। पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश ने हालात को और जटिल कर दिया है। अगर मौसम ने साथ नहीं दिया, तो हेलीकॉप्टर का नाभीढांग तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। जिला प्रशासन और कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) मौसम पर नजर रखे हुए हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा का उत्साह और हादसा

मीनाक्षी लेखी ने यात्रा शुरू करने से पहले पिथौरागढ़ में कहा था, 'कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह आध्यात्मिक अनुभव मेरे लिए अविस्मरणीय होगा।' लेकिन तिब्बत में शिव धाम पहुंचने से पहले ही यह हादसा हो गया, जिसके चलते वह इस बार अपनी यात्रा पूरी नहीं कर पाएंगी।

कैलाश मानसरोवर यात्रा को हिंदू, जैन, बौद्ध और तिब्बती बोन समुदायों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह यात्रा लिपुलेख पास (उत्तराखंड) और नाथु ला पास (सिक्किम) के रास्ते आयोजित की जाती है। इस साल 5 साल बाद यात्रा फिर से शुरू हुई है, जिसमें 750 तीर्थयात्री हिस्सा ले रहे हैं। मीनाक्षी लेखी का दल लिपुलेख पास रूट से यात्रा कर रहा था, जो 17,500 फीट की ऊंचाई पर है और बेहद चुनौतीपूर्ण है।

Who Is Meenakshi Lekhi: मीनाक्षी लेखी कौन हैं?

57 वर्षीय मीनाक्षी लेखी बीजेपी की वरिष्ठ नेता और नई दिल्ली से सांसद रही हैं। वे 7 जुलाई 2021 से 10 जून 2024 तक केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और संस्कृति राज्य मंत्री रहीं। इसके अलावा, वे सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं। 2014 और 2019 में वे नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद चुनी गईं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा बेहद जोखिम भरी

कैलाश मानसरोवर यात्रा बेहद कठिन और जोखिम भरी है, क्योंकि यह 19,500 फीट तक की ऊंचाई पर होती है। इस साल यात्रा की शुरुआत 30 जून 2025 से हुई, जिसमें 5 बैच (50 यात्री प्रत्येक) लिपुलेख पास और 10 बैच नाथु ला पास से तिब्बत पहुंचे। यात्रा के लिए KMVN और MEA ने व्यापक तैयारियां की हैं, जिसमें मेडिकल चेकअप, ऑक्सीजन सुविधाएं, और भारतीय भोजन की व्यवस्था शामिल है।

हालांकि, भारी बारिश और भूस्खलन ने उत्तराखंड के रास्तों को प्रभावित किया है। धारचूला-लिपुलेख मार्ग पर हाल ही में भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिसके चलते प्रशासन को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

मीनाक्षी लेखी की चोट ने यात्रा की सुरक्षा और जोखिमों पर सवाल उठाए हैं। प्रशासन का पूरा ध्यान अब उनके सुरक्षित रेस्क्यू पर है। मौसम के सुधरने की उम्मीद के साथ, हेलीकॉप्टर रेस्क्यू को प्राथमिकता दी जा रही है। इस बीच, यात्रा के बाकी यात्री अपनी परिक्रमा जारी रख रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर इस पवित्र यात्रा की चुनौतियों को उजागर करता है, लेकिन मीनाक्षी लेखी जैसे यात्रियों का उत्साह और आस्था इसे और भी खास बनाता है।

ये भी पढ़ें- Meenakshi Dahiya: कौन हैं HCS अफसर मीनाक्षी दहिया, जिन्‍हें रात को दबिश देकर किया गया अरेस्‍ट

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+