8 साल की कैंसर पीड़ित बच्ची के लिए लॉकडाउन के बीच दिल्ली से ऊना पहुंची दवाई
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के ऊना में रहने वाली 8 साल की कैंसर पीड़ित बच्ची के लिए दिल्ली से दवाईयां पहुंचाई गई हैं। देशव्यापी लॉकडाउन के बीच भारतीय डाक सेवा भी लोगों तक जरूरत का सामान पहुंचा रही है। दरअसल 8 साल की शालिनी की दवाइयों का स्टॉक खत्म हो गया था। भारत सरकार के प्रेस ब्यूरो के एक पब्लिकेशन ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) की मदद से शालिनी की दवाओं की समय पर डिलीवरी की कहानी सबके साथ शेयर की है।

शालिनी के माता-पिता को लगा था कि लॉकडाउन के कारण उसकी दवाओं की डिलीवरी नहीं हो पाएगी। फिर उन्होंने दिल्ली में रहने वाले अपने एक मित्र से संपर्क किया कि शालिनी के पास 19 अप्रैल 2020 तक ही दवाइयां हैं और उससे पहले उन्हें दवाइयों की जरूरत है। तब उस मित्र ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से मदद मांगी। जिसके बाद प्रसाद ने भारतीय डाक सेवा को आदेश दिया कि 19 अप्रैल से पहले शालिनी की दवाइयां उसके घर तक पहुंचाने की कोशिश की जाए।
भारतीय डाक के दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश सर्किलों ने दवाओं को समय पर पहुंचाने की पूरी कोशिश की। भारतीय डाक ने पंजाब सर्किल से पोस्टल मोटर वाहन के लिए विशेष प्रबंध किया जो ऊना में 19 अप्रैल की सुबह सीधे शालिनी के घर पहुंच गया। डाकिया दवाइयां लेकर 19 अप्रैल की दोपहर 12 बजे से पहले शालिनी के घर पहुंच गया। शालिनी की मां ने इन दवाओं के लिए और अपनी बेटी को बचाने के लिए भारतीय डाक को बहुत धन्यवाद दिया है।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी जरूरत के समय लोगों की सहायता करने के लिए भारतीय डाक सेवा को धन्यवाद कहा है। इसके साथ ही उन्होंने शालिनी को स्वास्थ्य और खुशी की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने कहा कि ये सुनकर प्रसन्नता हुई कि इंडिया पोस्ट ऑफिस हमारे नागरिकों की उम्मीदों पर खरा उतर रहा है। वह भी तब जब उन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। प्रसाद ने शालिनी के पारीवारिक दोस्त को उन्हें मदद करने की कोशिशों के लिए भी धन्यवाद दिया है।












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