'बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी रखे हुए हैं नजर', विदेश मंत्रालय ने कहा
Bangladesh Protests News: शेख हसीना का तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का आज यानी 08 अगस्त को गठन हो जाएगा। नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की कमान संभालेंगे। इस बीच, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भारत के विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है।
दरअसल, बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद अल्पसंख्यकों पर हमले की खबरें सामने आ रही थीं। इन हमलों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'विदेश मंत्री ने अपने स्वप्रेरणा वक्तव्य में इस मुद्दे को उठाया था। हम अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी नज़र रख रहे हैं।'

उन्होंने कहा कि ऐसी भी रिपोर्ट हैं कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए समूहों और संगठनों द्वारा कई पहल की गई हैं। मैं संसद में विदेश मंत्री द्वारा कही गई बात को दोहराना चाहूंगा, हम इन कदमों का स्वागत करते हैं, लेकिन स्वाभाविक रूप से हम तब तक बहुत चिंतित रहेंगे जब तक कानून और व्यवस्था स्पष्ट रूप से बहाल नहीं हो जाती।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि हर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने सभी नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करें। हमें बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था की जल्द बहाली की उम्मीद है। यह देश और पूरे क्षेत्र के हित में है। इतना ही नहीं, विदेश मंत्री जयशंकर और ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी के बीच बांग्लादेश पर चर्चा हुई थी।
इस चर्चा पर भी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'कुछ घंटे पहले ही विदेश मंत्री की विदेश सचिव डेविड लैमी से बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने बांग्लादेश और पश्चिम एशिया के विकास के बारे में बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि खबर है कि आज शाम अंतरिम सरकार का शपथ ग्रहण होगा।
कहा कि एक बार जब ये चीजें हो जाएंगी, तो मैं एक बात पर जोर देना चाहूंगा, सरकार और भारत के लोगों के लिए, बांग्लादेश के लोगों का हित हमारे दिमाग में सबसे ऊपर है। इतना ही नहीं, बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को राजनीतिक शरण देने पर विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हमारे विदेश मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि शेख हसीना को भारत आने की मंजूरी अल्प सूचना पर दी गई थी।'












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