एसआईटी प्रमुख एमबी शाह ने कहा: काले धन के मामले में मेरे सामने पेचीदगियां हैं लेकिन काम तेजी से होगा

एसआईटी के गठन के साथ ही पूर्व न्यायाधीश एमबी शाह को एसआईटी का मुखिया भी बना दिया गया है। एमबी शाह ने अपना पद संभालते ही सबसे पहले बयान में यह भी साफ कर दिया है कि 'मेर सामने पचीदियां तो बहुत हैं लेकिन काले धन प्रकरण में तेजी से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं लौह अयस्क के गैरकानूनी खनन (ओडिशा और गोवा में) संबंधी आयोग का अध्यक्ष था। मैंने पहली अंतरिम रपट दो महीने (जांच शुरू करने के) के भीतर सौंपी थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद गोवा की रपट छह महीने में सौंपी।
शाह ने कहा कि यदि बड़े राजनीतिक और उद्योगपति विदेशी बैंकों में काला धन जमा करने में मामले में शामिल पाए गए तो वह उनसे सख्ती से निपटेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने न्यायाधीश के तौर पर कई साल काम किया है - 15 साल उच्च न्यायालय में और फिर पांच साल उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश रहा। मेरे उपर कभी किसी के कद का कोई असर नहीं हुआ और न ही किसी ने मुझे छूने की हिम्मत नहीं की। बात इतनी सी है। इसके बारे में परेशान नहीं हों। उनसे यह पूछा गया था कि विदेश में काला धन जमा करने के मामले में बड़े उद्योगपति और कद्दावर राजनेता शामिल हैं, वह इस मामले से कैसे निपटेंगे।
इस एसआईटी में उच्चतम न्यायालय के एक अन्य पूर्व न्यायाधीश अरिजीत पासायत शामिल हैं जो इसके उपाध्यक्ष हैं। इस विशेष जांच दल में राजस्व सचिव, सीबीआई के निदेशक, गुप्तचर विभाग (आईबी), रॉ एवं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष और आरबीआई एक डिप्टी गवर्नर भी सहयोग करेंगे।












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