डुमरियागंज, देवरिया में भाजपा के अंदर बैठे हैं विभीषण

BJP Worker
गाजीपुर/देवरिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अपने ही लोग उप्र में कई संसदीय सीटों पर खेल बिगाड़ सकते हैं। कुछ सीटों पर बाहर से आए प्रत्याशियों तो कुछ पर नए प्रत्याशियों को लेकर भाजपाइयों में खासी बेचैनी दिख रही है। डुमरियागंज में जगदम्बिका पाल और देवरिया में कलराज मिश्र की जड़ में भाजपाई ही माठा डालने की तैयारी में हैं।

पढ़ें- जगदंबिका पाल की कुंडली

भाजपा उप्र के लिए अब तक 70 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है, जिसमें देवरिया से वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र और डुमरियागंज से वर्तमान सांसद जगदम्बिका पाल को टिकट दिया गया है। दोनों जिलों में भाजपा की स्थानीय इकाइयों ने दोनों नेताओं को टिकट दिए जाने का विरोध किया था। मिश्र करीब सालभर पहले से ही कानपुर में तैयारी कर रहे थे और उन्हें आशा थी कि कानपुर से उन्हें ही टिकट मिलेगा, लेकिन जोशी के आने से मामला बिगड़ गया।

भाजपा के एक पदाधिकारी ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ बताया कि जोशी के आने के बाद पार्टी ने उन्हें श्रावस्ती से लड़ने के लिए कहा, लेकिन कलराज तैयार नहीं हुए। उन्होंने साफ तौर पर पार्टी को बता दिया कि श्रावस्ती में पिछले चुनाव में पार्टी चौथे नंबर पर रही थी, ऐसे में वह उस सीट से नहीं लड़ेंगे।

भाजपा के इस नेता ने बताया कि कलराज मिश्र के अड़ियल रवैए के चलते ही उन्हें देवरिया से उतारने की योजना बनाई गई और मिश्र इस पर सहमत हो गए। लेकिन पार्टी के सामने संकट यह था कि देवरिया से पहले से ही सूर्य प्रताप शाही चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए थे। उन्हें जैसे ही कलराज के आने की सूचना मिली, शाही के खेमे में हलचल मच गई।

पार्टी के अंदर खींचतान

सूत्रों के अनुसार, अब शाही खेमा देवरिया में कलराज को निपटाने में लगा हुआ है और अभी से पार्टी के अंदर खींचतान शुरू है। इधर, डुमरियागंज में भाजपा ने कांग्रेस छोड़कर आए जगदिम्बका पाल को टिकट दिया है, लेकिन जिले की भाजपा इकाई लगातार उनकी उम्मीदवारी का विरोध कर रही है। जिले के कार्यकर्ता विरोधस्वरूप राजनाथ सिंह का पुतला भी फूंक चुके हैं।

भाजपा के पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता जिस व्यक्ति के खिलाफ पिछले पांच वर्षो से लड़ाई लड़ रहे हैं, अंत में राजनाथ ने उसी व्यक्ति को टिकट थमा दिया। सूत्र बताते हैं कि डुमरियागंज से राजा जयप्रताप सिंह को भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जगदम्बिका के आने से उनके सपने पर पानी फिर गया। अब ऐसी अटकलें हैं कि सपा जयप्रताप सिंह की पत्नी और राजा भैया की बहन को यहां से अपना उम्मीदवार बना सकती है। यदि ऐसा हुआ तो जगदम्बिका की मुश्किलें भी बढ़ेंगी।

डुमरियागंज के राजनीतिक विश्लेषक और सामाजिक चिंतक तरुण उपाध्याय कहते हैं कि दोनों ही सीटों पर कांटे की टक्कर होगी। इधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, "दोनों जिलों में कार्यकर्ताओं के नाराज होने जैसी कोई बात नहीं है। सब अपने लोग हैं और सभी को मना लिया जाएगा। पार्टी ने जिसको उम्मीदवार बनाया है उसके लिए सभी लोग मिलकर प्रचार करेंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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