MP Report Card: सांसदी में हैट्रिक मारने वाले रिंकिया के पापा Manoj Tiwari पास या फेल? कहां गई करोड़ों की रकम?
Manoj Tiwari MP Report Card: 18वीं लोकसभा के गठन को डेढ़ साल बीत चुके हैं, लेकिन कई सांसद अपने क्षेत्र की जनता से दूर नजर आ रहे हैं। जहां विपक्षी सांसदों पर 'सांसद जी गायब' के पोस्टर लग रहे हैं, वहीं NDA के कुछ सांसद भी विकास कार्यों में पिछड़ते दिख रहे हैं। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से हैट्रिक लगाने वाले बीजेपी सांसद मनोज तिवारी का नाम भी इसी सूची में शामिल हो गया है।
MPLADS के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 से अब तक आवंटित 9.80 करोड़ रुपये में से सिर्फ 2.39 करोड़ खर्च हुए हैं। 15 प्रस्तावित कामों में से महज 1 ही पूरा हो सका। क्या यह फंड का सही उपयोग है? Oneindia की जांच में MPLADS डेटा से यह खुलासा हुआ है। आइए आंकड़ों, तुलना, फैक्ट्स और टाइमलाइन के साथ मनोज तिवारी की सांसदी का रिपोर्ट कार्ड समझते हैं...

Who Is Manoj Tiwari: मनोज तिवारी कौन हैं: भोजपुरी सुपरस्टार से सांसद तक का सफर
मनोज तिवारी भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता, भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार, गायक और अभिनेता हैं। उन्होंने भोजपुरी फिल्मों से लोकप्रियता हासिल की और 2009 में राजनीति में कदम रखा। 2014 में पहली बार भाजपा से नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली लोकसभा सीट जीती। 2019 में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराकर 'जायंट-स्लेयर' की उपाधि पाई। 2024 में भी उन्होंने हैट्रिक लगाई। मनोज तिवारी की कुल संपत्ति करीब 32 करोड़ रुपये है, जबकि देनदारियां 2 करोड़ रुपये से अधिक हैं। उनकी आय के स्रोतों में गायन, अभिनय और सांसद वेतन शामिल हैं।

Manoj Tiwari Marriage: दो शादी-तीन बेटियां, पत्नी कौन?
मनोज तिवारी ने दो शादियां की हैं। पहली शादी 1999 में रानी तिवारी से हुई, जिनसे उनकी बड़ी बेटी रिती तिवारी हैं। यह रिश्ता 2012 में तलाक में खत्म हुआ। दूसरी शादी 2020 में सुरभि तिवारी से हुई। इस रिश्ते से उनकी दो बेटियां हैं - पहली का जन्म 30 दिसंबर 2020 को और दूसरी का 12 दिसंबर 2022 को। कुल मिलाकर मनोज तिवारी की तीन बेटियां हैं। दूसरी शादी से पहले उन्होंने अपनी बड़ी बेटी से अनुमति ली थी। सुरभि पहले उनके काम में साथ देती थीं, बाद में रिश्ता आगे बढ़ा।

MPLADS रिपोर्ट कार्ड: 9.80 करोड़ में सिर्फ 2.39 करोड़ खर्च, 1 काम पूरा
MPLADS (मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम) के तहत हर सांसद को सालाना करोड़ों रुपये मिलते हैं। यह फंड सड़क, स्कूल, अस्पताल, जलापूर्ति, स्वच्छता जैसे कामों के लिए होता है। 2024 से मनोज तिवारी को 9.80 करोड़ आवंटित हुए। MPLADS पोर्टल के अनुसार:-

- कुल आवंटित बजट: 9.80 करोड़
- खर्च: 2.39 करोड़ रुपये
- प्रस्तावित काम: 15
- पूरे हुए काम: सिर्फ 1
यह आंकड़ा नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में विकास की मांग को देखते हुए चिंताजनक है। क्षेत्र में सड़कें, अस्पताल अपग्रेड और स्वच्छता की कमी है। MPLADS पोर्टल पर पारदर्शिता के लिए डेटा अपलोड होता है, लेकिन कम खर्च से सवाल उठ रहे हैं। 18वीं लोकसभा में कुल MPLADS उपयोग सिर्फ 1.82% है। कई सांसदों ने शून्य खर्च किया है।
उठते सवाल: फंड कहां गया, सांसदी पर खतरा?

मनोज तिवारी की सांसदी मिश्रित है - राजनीतिक लोकप्रियता और भोजपुरी स्टारडम तो है, लेकिन MPLADS में कम खर्च विकास पर सवाल खड़े करता है। क्या देरी जिला प्रशासन की है या सांसद की अनुपस्थिति? क्या फंड का सही उपयोग नहीं हो रहा? जनता पूछ रही है कि बाकी 7.41 करोड़ कहां हैं? नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में विकास की मांग तेज है - सड़कें, अस्पताल, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं। 2026 चुनाव में यह रिपोर्ट कार्ड बीजेपी और मनोज तिवारी के लिए चुनौती बन सकता है। मनोज तिवारी भाषणों और भोजपुरी गानों में टॉप हैं, लेकिन MPLADS में पिछड़ाव उनकी इमेज को नुकसान पहुंचा सकता है। क्या वे अब फंड उपयोग बढ़ाएंगे? समय बताएगा।
MPLADS योजना 1993 से चल रही है। सांसद प्रोजेक्ट सुझाते हैं, जिला प्रशासन मंजूरी और कार्यान्वयन करता है। फंड नॉन-लैप्सेबल है। SC/ST क्षेत्रों में विशेष प्रतिशत अनिवार्य है। दुरुपयोग पर जांच और सजा का प्रावधान है। मनोज तिवारी का रिपोर्ट कार्ड जनता के लिए विकास का पैमाना है।












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