मनोहर पर्रिकर ने कहा- सेना के सभी कैंपों में भेजा जाएगा फ्रोजन चिकन
बीएसएफ के खाने की क्वालिटी की शिकायत के बाद अब रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वह खुद जाकर चेक करेंगे कि भारतीय सेना को दिए जा रहे खाने की क्वालिटी कैसी है।
नई दिल्ली। जहां एक ओर प्रधानमंत्री कार्यालय ने बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव का वीडियो आने के बाद सेना को दिए जाने वाले खाने की क्वालिटी पर गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है, वहीं दूसरी ओर बीएसएफ का कहना है कि जवानों के लिए पर्याप्त राशन मौजूद है। अब रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वह खुद जाकर चेक करेंगे कि भारतीय सेना को दिए जा रहे खाने की क्वालिटी कैसी है। पर्रिकर ने कहा कि उन्होंने इस बात के आदेश हुए हैं कि सिर्फ एफएसएसएआई द्वारा मंजूरी प्राप्त चिकन ही सेना के जवानों को खाने के लिए दिया जाए।

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बीएसएफ के बारे में अधिक कुछ नहीं कह सकता हूं, क्योंकि यह गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है। उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा- लेकिन पिछले दो सालों में सेना को दिए जा रहे खाने से जवान संतुष्ट हैं या नहीं इसका आकलन किया जाता है। मैं खुद इसकी निगरानी कर रहा हूं। कैग ने 2012-13 में एक रिपोर्ट में कुछ बातें बताई थीं और हम उसे बेहतर करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हमने 26 केन्द्रों में फ्रोजन चिकन भेजा है। अब हमने यह निर्देश जारी किए हैं कि अगले दो सालों में हम सभी यूनिट को एफएसएसएआई की मंजूरी वाले चिकन भेजेंगे। इससे क्वालिटी खुद-व-खुद बेहतर हो जाएगी।
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कुछ दिन पहले ही बीएसएफ के एक जवान तेज बहादुर यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडिया जारी किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि बीएसएफ के जवानों को कितनी खराब क्वालिटी का खाना मिलता है। उन्होंने दावा किया था कि 10 घंटे की दिनभर की ड्यूटी के लिए उन्हें सिर्फ हल्दी और नमक की बनी दाल दी जाती है और साथ में कुछ जली हुई रोटियां। अब बीएसएफ ने नए निर्देश जारी किए हैं और खाने की उच्च क्वालिटी बनाए रखने को कहा है। यह वीडियो इतना अधिक वायरल हुआ कि पीएमओ ने गृह मंत्रालय से इस पर रिपोर्ट भी मांग ली।












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