Mann Ki Baat Highlights: 'इतिहास से लेकर विज्ञान तक', मन की बात के 124वें एपिसोड में PM मोदी का खास संदेश
Mann Ki Baat 124th Episode: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 124वें एपिसोड को संबोधित किया। संसद के मानसून सत्र के बीच हुए इस संबोधन पर देशभर की नजरें थीं। हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में विज्ञान, संस्कृति, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर प्रेरणादायक बातें साझा कीं।
संसद का मानसून सत्र जारी है, देश और दुनिया में कई अहम घटनाएं घट रही हैं, और ऐसे समय में पीएम मोदी का यह संबोधन न सिर्फ प्रेरणादायक रहा बल्कि आम लोगों की उपलब्धियों को सामने लाकर उन्हें प्रोत्साहन देने वाला भी रहा। इस बार के कार्यक्रम में इतिहास, विज्ञान, संस्कृति, पर्यावरण और ग्रामीण भारत की सशक्त कहानियों ने खास जगह बनाई।

'मन की बात' मुख्य बातें (Mann Ki Baat Highlights)
मराठा किलों को मिली वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यूनेस्को ने 12 मराठा किलों को विश्व धरोहर का दर्जा दिया है। उन्होंने गर्व के साथ कहा, "इनमें से 11 किले महाराष्ट्र में हैं और एक तमिलनाडु में। हर किला भारत के वीर इतिहास का प्रतीक है। हर पत्थर एक कहानी कहता है।" उन्होंने युवाओं से इन किलों के इतिहास को जानने और उनसे प्रेरणा लेने की अपील भी की।
छात्रों में बढ़ रही अंतरिक्ष की दिलचस्पी
पीएम मोदी ने 'इंस्पायर मानक अभियान' का जिक्र करते हुए कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद छात्र-छात्राओं में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति रुचि काफी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि पहले हर स्कूल से 5 छात्रों को चुना जाता था, लेकिन अब यह संख्या दोगुनी हो गई है। उन्होंने सभी से 23 अगस्त को 'नेशनल स्पेस डे' मनाने और 'नमो भारत' ऐप पर अपने विचार भेजने का आग्रह किया।
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु की वापसी पर देश में खुशी
प्रधानमंत्री ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से वापसी पर खुशी जताई और कहा कि उनकी सफलता से देश के बच्चों में आत्मविश्वास और जिज्ञासा बढ़ी है। पीएम ने कहा, "अब छोटे बच्चे भी कहने लगे हैं कि हमें भी स्पेस में जाना है।"
हथकरघा को मिला नया जीवन
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने हथकरघा उद्योग पर भी बात की। उन्होंने याद दिलाया कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, और तभी से हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। उन्होंने महाराष्ट्र की कविता धावले, ओडिशा की आदिवासी महिलाएं, और बिहार के नवीन कुमार जैसी हस्तियों का ज़िक्र करते हुए बताया कि किस तरह हथकरघा के क्षेत्र में ये लोग नई पहचान बना रहे हैं।
पर्यावरण के लिए भक्ति और सेवा
ओडिशा के क्योंझर जिले की प्रेरणादायक कहानी भी इस एपिसोड में सामने आई। पीएम मोदी ने बताया कि वहाँ के 'राधा कृष्ण संकीर्तन' समूह ने भक्ति के साथ-साथ जंगल की आग से बचाव और पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाया। इस पहल की प्रेरणा बनीं प्रमिला प्रधान, जिनकी टीम गाँव-गाँव जाकर लोगों को जागरूक कर रही है।












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