असहिष्णुता और सांप्रदायिक धुव्रीकरण के खिलाफ एकजुट होने की जरुरत- मनमोहन सिंह
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने सत्तारुढ़ पार्टी बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि देश में जिस तरह असहिष्णुता, सांप्रदायिक धुव्रीकरण और कानून हाथ में लेने वाले तत्वों के प्रभावी होने का खतरा बढ़ रहा है, उसमें सद्भावना पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है। राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार समारोह में संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से देश की शांति और सांप्रदायिक सद्भावना की क्षति पहुंचेगी।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि समारोह शांति, राष्ट्रीय एकीकरण और सांप्रदायिक सद्भावना को बढ़ावा देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उत्कृष्ट योगदान का एक उत्सव था और साथ ही दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक गंभीर अवसर भी था, जिन्हें इस मौके पर याद किया गया। सिंह ने आगे कहा कि पिछले कई सालों से देश 'डिस्टर्बिंग ट्रैंड्स' का गवाह बना है।
सिंह ने कहा देश में असहिष्णुता, सांप्रदायिक विभेद, कुछ विशेष समुदाय द्वारा की जा रही हिंसा और कानून को हाथ में लेती भीड़ से हमारे देश की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। इन सभी को रोकने के लिए हमें एकजुट होकर सोचना होगा कि कैसे रोका जाए। कांग्रेस हर साल राजीव गांधी जयंति के मौके पर सद्भावना पुरस्कार देती है। इस साल महात्मा गांधी के पोते और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी को इस पुरस्कार से नवाजा गया।
वहीं, सोनिया गांधी ने भी इस मौके पर कहा कि देश में नफरत और कट्टरवाद से लड़ने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। सोनिया गांधी ने कहा, 'राजीव गांधी एक अविश्वसनीय आस्तिक थे कि भारत की एकता वास्तव में उनकी अविश्वसनीय विविधता से प्राप्त और मजबूत हुई थी।
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