Manipur Violence: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में 3 की मौत, 2 घायल
Manipur Violence: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर हिंसा को लेकर शांति की अपील की थी। आईटीएलएफ ने इसे अमित शाह की अपील का उल्लंघन बताया है।

Manipur Violence: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़की है। शुक्रवार को खोकेन गांव में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा गोलीबारी की गई। घटना में एक महिला सहित कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। उग्रवादियों के हमले में दो अन्य घायल हो गए। बताया जा रहा है कि खोकेन गांव कांगपोकपी और इम्फाल पश्चिम जिले के बीच की सीमा पर स्थित है। संदिग्ध आतंकवादी और पीड़ित विभिन्न समुदायों के थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने सेना की वर्दी पहन हुई थी। साथ ही सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ियों से मिलते-जुलते वाहन में सवार होकर हमलावर पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। वहीं, द इंडिजियस ट्राइबल लीडर फोरम (ITLF)ने अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की। कहा कि यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई गई शांति प्रक्रिया का उल्लंघन है। हम अधिकारियों से विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हैं।
आपको बता दें कि बीते दिनों यानी 3 मई को मणिपुर में दो समुदायों के बीच हिंसा भड़की थी। जिसमें 100 लोगों की जान चली गई थी। करीब 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। करीब एक महीने तक हिंसा की चिंगारी धधकती रही। इसके बाद हिंसा को शांत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य का दौरा किया था। अपने दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शांति की अपील की थी। साथ ही प्रदर्शनकारियों से सरेंडर करने का आग्रह भी किया था।
मणिपुर में हिंसा के पीछे की वजह?
दरअसल, राज्य में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग का लगातार विरोध जारी है। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शांती की अपील के बाद कुछ दिन मामला ठंडे बस्ते में गया। लेकिन, एक बार फिर आग भड़कती नजर आ रही है। बता दें कि पिछले महीने 3 मई को पर्वतीय जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद हिंसा शुरू हुई थी।












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