मणिपुर संकट पर केंद्र सरकार की बड़ी पहल, दिल्ली में हुई अहम बैठक, कूकी नेताओं ने कर दी बड़ी मांग

Manipur Violence: मणिपुर में जारी जातीय और राजनीतिक तनाव को सुलझाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए केंद्र सरकार ने सोमवार, 9 जून को दिल्ली में कूकी-जो 'ऑपरेशन निलंबन' (SoO) समूहों के साथ पहली बार औपचारिक बातचीत की। यह बैठक 2023 की भयावह हिंसा के बाद पहली गंभीर राजनीतिक पहल मानी जा रही है, जिसका मकसद लंबे समय के लिए स्थायी समाधान तलाशना है।

बैठक में कौन-कौन रहे शामिल

इस बातचीत में गृह मंत्रालय की चार सदस्यीय टीम शामिल थी, जिसकी अगुवाई केंद्र सरकार के विशेष वार्ताकार ए.के. मिश्रा ने की। दूसरी ओर कूकी-जो समुदाय की ओर से यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (UPF) और कूकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) के पांच प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख चेहरे थे - एरन किपगेन (UPF) और डॉ. सैलन हाओकिप (KNO)। इस दौरान सरकार ने इन समूहों को साफ तौर पर बताया कि उन्होंने SoO के तय नियमों का कई बार उल्लंघन किया है। इसके साथ ही मैतेई समुदाय के इलाकों के पास बने उनके कैंपों को या तो बंद करने या कहीं और शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। गृह मंत्रालय अब SoO समझौते के नियमों की दोबारा समीक्षा कर रहा है, और अगले हफ्ते एक और दौर की बैठक होनी है, जिसमें इन फैसलों को अमल में लाने की दिशा तय की जाएगी।

Manipur Violence

कूकी-जो प्रतिनिधियों ने कई मुद्दे उठाए

बैठक में कूकी-जो प्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में कहा कि अगर राजनीतिक समाधान पर गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो राजमार्ग खोलने या विस्थापितों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर चर्चा का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। उनका कहना था कि जब तक राजनीतिक वार्ता को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक बाकी सारे कदम सिर्फ सतही साबित होंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने एक और अहम मुद्दा उठाया। कांगपोकपी ज़िले के सदर हिल्स क्षेत्र में मौजूद मैतेई उग्रवादी शिविरों को हटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ये शिविर मौजूद हैं, क्षेत्र में शांति की उम्मीद और आपसी भरोसा दोनों कमजोर पड़ते रहेंगे, और SoO समूहों के लिए अपने कैडरों की वापसी या तैनाती पर विचार करना असंभव होगा।

मणिपुर में जारी हिंसा के बीच वार्ता

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में इंफाल में CBI द्वारा एक मैतेई समूह के नेता की गिरफ्तारी के बाद फिर से हिंसा भड़क उठी। इस पृष्ठभूमि में यह संवाद सियासी पहल को फिर से ज़िंदा करने की एक नई उम्मीद बनकर सामने आया है।

शांति बहाल के लिए मंथन

एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि, इस बैठक में मणिपुर में शांति बहाल करने और लंबी अवधि के हल तलाशने को लेकर एक रूपरेखा पर बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि, मैतेई और कूकी-जो इलाकों के बीच आने-जाने में कोई रुकावट न हो, इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्गों को पूरी तरह खोलने की बात कही गई।

दरअसल, मणिपुर की इम्फाल घाटी जो चारों तरफ से जमीन से घिरी हुई है, वहां ज़रूरी सामान पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-2 और 37 बेहद अहम हैं। ये हाईवे नगालैंड और असम से होकर आते हैं और कूकी-जो इलाकों से गुजरते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+