Manipur Violence: मणिपुर हिंसा के 3 दिन बाद अब कैसे हैं हालात, जानिए पुलिस और सेना ने क्या कहा?
Manipur violence: मणिपुर हिंसा की वजह से मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, असम भी प्रभावित है। इन राज्यों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

Manipur violence aftermath: मणिपुर हिंसा के तीन दिन बाद अब वहां हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। 3 मई को भड़की हिंसा के बाद राज्य में स्थिति को कंट्रोल करने के लिए आर्मी लगाई गई थी। सेना, असम राइफल्स और वायु सेना ने नागरिक प्रशासन के साथ कानून व्यवस्था बहाल करने और मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए पिछले लगभग 48 घंटों में दिन-रात काम किया है।
मणिपुर के डीजीपी पी डोंगेल ने कहा, ''सुरक्षा बलों की वजह से, स्थिति में सुधार हुआ है और हमें सख्त आदेश मिले हैं कि हिंसा में योगदान देने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।''
मणिपुर हिंसा के बाद आज शनिवार (06 मई) को लोग घरों से अपने-अपने काम के लिए बाहर निकले। शनिवार की सुबह इंफाल में पेट्रोल पंप के सामने लंबी लाइन दिखी। इसके अलावा शहर में भी पहले से ज्यादा हलचल देखी गई है।
सुरक्षा बलों द्वारा जल्दी की गई कार्रवाई की वजह से हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों के विभिन्न अल्पसंख्यक इलाकों से सभी समुदायों के नागरिकों को बचाया गया है।
भारतीय सेना ने कहा, ''कुल लगभग 13,000 नागरिकों को बचाया गया है और वर्तमान में कंपनी ऑपरेटिंग बेस और आर्मी गैरीसन के भीतर विशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए बनाई गई विभिन्न तदर्थ बोर्डिंग सुविधाओं में रह रहे हैं। सेना द्वारा मणिपुर में जल्द से जल्द कानून व्यवस्था बहाल करने की दिशा में काम किया जा रहा है।''
मणिपुर हिंसा: 18-20 लोगों की मौत, 500 घर जले
मणिपुर के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा है कि सभी सुरक्षा बलों को 23 जगहों पर तैनात किया गया है। कल की तुलना में आज स्थिति अच्छी हुई है। कुछ इलाकों में अभी भी चिंता की स्थिति बनी हुई है लेकिन वहां भी स्थिति को संभाला जा रहा है। जो घटनाएं घटी हैं उसमें 18-20 लोगों की जान गई है। इसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज जारी है।
कुलदीप सिंह ने आगे कहा, हिंसा में लगभग 500 घरों को जलाया गया है। मामले में शुरू से ही लोगों की गिरफ्तारी जारी है। शुक्रवार (05 मई) को हुए एक हिंसा में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनके पास से पुलिस से लुटे गए कुछ हथियार भी बरामद हुए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कुलदीप सिंह ने कहा, जनता की मदद के लिए हमने हेल्पलाइन नंबर (03852450214, 6009030422) जारी किया है, जिस पर कॉल आने के बाद एक्शन लिया जा रहा है।
शुक्रवार को 1000 से अधिक लोग हिंसा प्रभावित मणिपुर से असम के सीमावर्ती कछार जिले में शरण लेने के लिए भाग गए हैं। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जिला प्रशासन से उनकी देखभाल करने को कहा है। मणिपुर हिंसा पर मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने कहा, हम अपने लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।












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