Manipur video: भारत के 'सर्वश्रेष्ठ' थाने से 850 मीटर दूर लुटी अस्मत, पुलिस के एक्शन पर गंभीर सवाल?
Manipur video: नग्न महिलाओं की परेड की झकझोरने वाली वीडियो सामने आने के बाद देशभर में उबाल है। चौंकाने वाली बात है कि वीडियो फुटेज में दिख रहे सुराग बताते हैं कि घटना उस जगह से लगभग एक किमी दूर हुई थी जहां भारत का सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन है। सरकार ने थाने को देश में सबसे अच्छे का दर्जा दिया है।
वायरल वीडियो मामले में इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम की रिपोर्ट के अनुसार, ओपन-सोर्स सैटेलाइट इमेजरी के साथ विश्लेषण के दौरान घटना देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन- नोंगपोक सेकमाई (Nongpok Sekmai) से केवल 850 मीटर दूर है।

दरअसल, भारत सरकार हर साल परफॉर्मेंस संकेतकों के आधार पर देश भर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पुलिस स्टेशनों का चयन करती है। गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार थानों का प्रदर्शन का आकलन उस इलाके में महिलाओं के खिलाफ अपराध के साथ-साथ कमजोर वर्गों के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों में पुलिस की कार्रवाई जैसे संकेतकों के आधार पर होता है।
मणिपुर का नोंगपोक सेकमाई पुलिस थाना 2020 में 'देश में सर्वश्रेष्ठ' चुना गया था। हालिया हिंसा की घटना के बीच दो महिलाओं को नंगा कर परेड कराने की वीडियो से देश भर में आक्रोश के बीच इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो फुटेज की फ्रेम दर फ्रेम जांच की।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं पर हमला 4 मई को हुआ था, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद 19 जुलाई को ये नेशनल स्टोरी बन गई। इसका एक कारण मणिपुर में इंटरनेट पर पाबंदियों को भी बताया जा रहा है।
सेटेलाइट इमेज के आधार पर वीडियो सूर्योदय या सूर्यास्त के समय का माना जा रहा है। पुलिस की प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में उल्लेख है कि घटना लगभग दोपहर 3 बजे हुई। इससे निष्कर्ष निकला की वीडियो सूर्यास्त के आसपास का है।
बी. फ़ेनोम गांव में पहाड़ों की चोटियों के लेआउट से मिलान करने पर इलाका नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन के आसपास का पाया गया। नोंगपोक सेकमाई थाना और नोंगमाई चिंग और ताम्पाबा की चोटियों के बीच छोटी सी सफेद झोपड़ी दिखी।
सफेद झोपड़ी Google Earth की सेटेलाइट इमेज में भी देखी गई। वीडियो के एक फ्रेम में भीड़ को दो महिलाओं को धान के खेतों के पार छोटी सफेद झोपड़ी के बगल से गुजरते और एक दिशा में ले जाते देखा जा सकता है। वीडियो में दिखे धान के खेत का लेआउट सेटेलाइट इमेजरी से मेल खाती है।
चौंकाने वाली बात यह है कि Google Earth के अनुसार, जघन्य हमले की जगह नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन से लगभग 850 मीटर की दूरी पर है। तीन साल पहले (2020 में) 'देश का सर्वश्रेष्ठ' थाना चुना गया नोंगपोक कठघरे में है।
महिलाओं के साथ घटना के बाद उस क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पिछले दो महीनों से मैतेई और कुकी समुदाय की जातीय हिंसा के कारण हालात बेहद संवेदनशील हैं। खबरों के अनुसार, स्थानीय लोग राहत शिविरों में दैनिक कर्फ्यू, इंटरनेट शटडाउन, छिटपुट हत्याओं और आगजनी से जूझ रहे हैं।
पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्र और बिखरी हुई आबादी के बीच, लेकिन थाने से केवल 850 मीटर दूर, महिलाओं के साथ अमानवीय बर्ताव मई में हुआ। जुलाई में वीडियो आने के बाद सवाल हो रहा है कि पुलिस कितनी जल्दी इलाके की तलाशी ले सकती थी? कार्रवाई और गिरफ्तारी में दो महीने से भी अधिक समय क्यों लगा?
आसपास कितने घर हैं? इस बारे में इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कहा गया, नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन से लेकर पेची अवांग लीकाई तक की इमारतों की संख्या का अनुमान लगाने के लिए Google के हाल ही में जारी 'ओपन बिल्डिंग डेटासेट' का उपयोग किया गया। गुरुवार को पुलिस ने पहले संदिग्ध को यहीं से गिरफ्तार किया।
आंकड़ों के आधार पर, क्षेत्र में कुल 7040 संरचनाएं मिलीं। इनका औसत क्षेत्रफल 59.6 वर्ग मीटर है। इलाका आवासीय या वाणिज्यिक स्थानों के लिहाज से बहुत छोटा लगा। अपुष्ट इमारतों को फ़िल्टर करने के बाद 75 वर्ग मीटर के औसत क्षेत्रफल के साथ संभावित इमारतों की संख्या घटकर 4603 हो गई।
इस विश्लेषण के आधार पर पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एवरेज कैलकुलेशन के मुताबिक अगर पुलिस ने प्रति घंटे 3 घरों की तलाशी ली होती, तो वीडियो के वायरल होने से काफी पहले करीब दो महीने की अवधि में पूरे मोहल्ले की तलाशी लेकर पुलिस पूरे मोहल्ले की जांच कर सकती थी।












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