Manipur News: वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा मणिपुर में सुधरी कानून व्यवस्था, सभी प्रकार की वित्तीय सहायता मिलेगी
Manipu News: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि मणिपुर की अर्थव्यवस्था को तेजी से पटरी पर लाने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में आर्थिक विकास के लिए सभी वित्तिय सहायता प्रदान की जाएगी।
मणिपुर के बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा हम (मणिपुर) अर्थव्यवस्था की तेजी से वसूली के लिए सभी संभावित सहायता प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार को 2025-26 के लिए मणिपुर का बजट पेश किया था, जिसमें 35,103.90 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान किया गया है, जो चालू वित्त वर्ष के 32,656.81 करोड़ रुपये से अधिक है।

पूर्वोत्तर राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कदम उठाए गए हैं
वित्तमंत्री नर्मला सीतारमण ने मणिपुर के सांसदों को जवाब देते हुए कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कदम उठाए गए हैं, जहां पिछले दो वर्षों से जातीय संघर्ष चल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सामूहिक प्रयास से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। कुछ घटनाओं जैसे 8 मार्च, 2025 को कांगकोकपी की घटना को छोड़कर स्थिती में सुधार देखा गया है।
वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि 13 फरवरी 2025 को संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राज्य विधानमंडल की शक्तियां संसद द्वारा या उसके अधिकार के तहत प्रयोग की जा सकती हैं। उन्होंने सदन में बताया कि पुलिस से लूटे गए हथियार और गोलाबारूद की बरामदगी का काम चल रहा है। वित्तमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा मणिपुर के आर्थिक विकास के लिए हरसंभव वित्तीय सहायता दी जाएगी। पहली बार मणिपुर के लिए 500 करोड़ रुपये की आकस्मिक निधि की घोषणा की गई है।
मणिपुर राज्य में वसूली में वृद्धि देखी गई है: निर्मला सीतारमण
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मणिपुर राज्य में वसूली में वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवाजाही भी सुचारू है। काफिले, माल और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही जारी है और इससे राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि लगभग 60,000 आंतरिक विस्थापित लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं और उनमें से लगभग 7,000 लोग अपने-अपने घरों को लौट चुके हैं।
हेलीकॉप्टर सेवा पुनः शुरू कर दी गई है। राहत शिविर संचालन और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए गृह मंत्रालय के विशेष पैकेज के तहत 400 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं तथा आगे भी सहायता प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास कार्यक्रम के तहत विस्थापित लोगों को आवास प्रदान करने के लिए 7,000 घरों को मंजूरी दी गई है।"
बता दे कि 13 फरवरी से मणिपुर राज्य में सीएम एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद से राष्ट्रपति शासन लगाया गया है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियारों और अन्य अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिनों के भीतर स्वेच्छा से सरेंडर करने का आग्रह किया था। सात दिनों की अवधि के दौरान मुख्य रूप से घाटी के जिलों में 300 से अधिक हथियारों को जनता की तरफ से लौटाए गए थे।
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