'चुनावी नहीं, यह एक वैचारिक यात्रा', मणिपुर के थौबल से राहुल के नेतृत्व में कल से शुरू यात्रा पर जयराम
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' मणिपुर के थौबल जिले से 14 जनवरी यानी रविवार से शुरू होने जा रही है। इस यात्रा का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी करने वाले हैं।
यात्रा को लेकर शनिवार यानी आज इंफाल में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें रमेश ने घोषणा की कि यात्रा कल थौबल शहर से शुरू होगी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी कल सुबह 11 बजे इंफाल पहुंचेंगे और सीधे खोंगजोम युद्ध स्मारक जाएंगे। इस युद्ध स्मारक का महत्व न केवल मणिपुर के लिए बल्कि पूरे देश के लिए है।

रमेश ने आगे कहा कि भारत जोड़ो यात्रा भारतीय राजनीति के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण थी। उस गति को आगे बढ़ाते हुए, राहुल भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू कर रहे हैं। रमेश ने कहा, भारत जोड़ो यात्रा पहला कदम था और भारत जोड़ो न्याय यात्रा अगला कदम है।
'यह एक वैचारिक यात्रा'
जयराम रमेश ने कहा कि यह एक राजनीतिक दल द्वारा एक यात्रा (भारत जोड़ो न्याय यात्रा) है। हम राजनीतिक उद्देश्यों के लिए यात्रा निकालते हैं, और हमारा उद्देश्य संविधान की रक्षा करना है। यह है एक वैचारिक यात्रा, चुनावी नहीं। रमेश ने यह भी कहा कि अगले ग्यारह दिनों तक राहुल गांधी पूर्वोत्तर के 5 राज्यों में यात्रा का नेतृत्व करेंगे।
66 दिवसीय यात्रा में 6,200 किलोमीटर का सफर
रमेश ने यह भी कहा कि 66 दिवसीय 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' 6,200 किलोमीटर कवर करेगी। अगले दस से ग्यारह दिनों के लिए, हम अपने देश के पूर्वोत्तर भाग में होंगे। मणिपुर, नागालैंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, वापस असम, मेघालय, और फिर हम दूसरे राज्यों में प्रवेश करेंगे। अगले ग्यारह दिनों तक राहुल गांधी पूर्वोत्तर के पांच राज्यों में भारत जोड़ो न्याय यात्रा का नेतृत्व करेंगे।
रमेश ने यह भी कहा कि पिछले दस सालों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार द्वारा किए गए अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू की जा रही है।
बीजेपी पर कांग्रेस का वार
रमेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अमृत काल के सुनहरे सपने दिखा रहे हैं। सच तो यह है कि पिछले दस साल अन्याय के रहे हैं। वे लोगों को पिछले दस साल के अन्याय को भुला देना चाहते हैं। पिछले दस साल में देश में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से बहुत अन्याय हुआ है। इन अन्यायों को ध्यान में रखते हुए यात्रा निकाली गई है। संविधान की प्रस्तावना की नींव न्याय है। इसलिए अब भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाली जा रही है।












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