Manipur crisis:हथियारबंद उपद्रवियों की फायरिंग में दो जवान जख्मी, दोनों की हालत स्थिर- Indian Army
मणिपुर में उद्रवियों की ओर से हिंसा खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार सुबह भी हथियारबंद उपद्रवियों ने फायरिंग की है, जिसमें सेना के दो जवान मामूली रूप से जख्मी हो गए हैं। भारतीय सेना की ओर से बताया गया है कि यह हमला बिना कारण किया गया है।
सेना के जवानों पर यह हमला वेस्ट इंफाल जिले के एन बोलजांग इलाके में 22 जून को तड़के किया गया है। सेना ने शुरुआती सर्च अभियान में एक इंसास लाइट मशीन गन भी बरामद किया है। गौरतलब है कि मणिपुर में पिछले 3 मई से ही हिंसा हो रही है और हालात काबू में आने के बाद फिर से बिगड़ने लगती है।

उपद्रवियों की फायरिंग में दो जवान जख्मी-सेना
भारतीय सेना की Spear कोर की ओर से जारी बयान में बाताया गया है, '22 जून के तड़के इंफाल वेस्ट जिले के एन बोलजांग में हथियारबंद उपद्रवियों ने अकारण फाइरिंग की जिसमें दो जवान मामूली रूप से जख्मी हो गए। दोनों जवानों की हालत स्थिर है। शुरुआती सर्च के दौराद एक इंसास लाइट मशीन गन बरामद की गई है।'
जवानों ने भी की जरूरी कार्रवाई
किसी बड़े नुकसान को टालने के लिए जवानों ने भी उचित जवाबी कार्रवाई की है। वहां सेना की अतिरिक्त टुकड़ी भेजी गई है और ऑपरेशन जारी है।
24 जून को गृहमंत्री ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
गौरतलब है कि मणिपुर में करीब 50 दिनों से जारी हिंसा को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 24 जून को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। गृहमंत्रालय की ओर से ट्वीट कर बताया गया है, 'केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 24 जून को 3 बजे नई दिल्ली में मणिपुर की हालात पर चर्चा के लिए सभी दलों की बैठक बुलाई है।'
कांग्रेस ने कहा- टू लिटिल, टू लेट
केंद्र सरकार की इस पहल पर विपक्षी कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रया दी है और इसे 'टू लिटिल, टू लेट' बताया है। पार्टी नेता केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट किया है ,'करीब 50 दिनों तक मणिपुर में मौत और तबाही के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जो टू लिटिल, टू लेट है। सरकार तभी जागी है जब सोनिया गांधी ने मणिपुर के लोगों को संबोधित किया है।'
यही नहीं वेणुगोपाल ने आरोप लगाया है, ' इतनी गंभीर बैठक से प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी उनकी कायरता और अपनी नाकामियों का सामना करने की अनिच्छा दिखाती है।' गौरतलब है कि इस हिंसा में मणिपुर में अबतक करीब 120 लोगों की जान जा चुकी है और 3000 के करीब लोग जख्मी हुए हैं। हजारों लोग बेघर होकर राहत कैंपों में रह रहे हैं।












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