अलवर हत्या: बच्चों को दूध मिले इसलिए लेने गया था गाय
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अलवर। गो-तस्करी के आरोप में एक बार फिर जिस तरह से अलवर में उमर खान की हत्या कर दी गई है उसने फिर से एक सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या महज शक के आधार पर लोगों को मौत के घाट उतार दिया जाएगा। शुक्रवार को पुलिस ने दावा किया था कि उमर को गोली नहीं मारी गई है। पुलिस ने आरोप लगाया था कि तीनों व्यक्ति उमर, ताहिर और जावेद जिस वक्त गाय को गोविंदगढ़ लेकर जा रहे थे तो उनपर हमला हो गया, ये तीनों गाय तस्कर थे। लेकिन पुलिस के दावे से इतर उमर के पड़ोसियों का कहना है कि हमारा गांव डेयरी का काम करने वालों का गांव है। ताहिर का कहना है कि उसे गोली मारी गई थी और उसने दाएं हाथ से जो गोली निकाली गई है उसे संभालकर रखा हैै।

अचानक हमपर चलने लगी गोलियां
ताहिर ने बताया कि हम गुरुवार को दोपहर मे कुछ गाएं खरीदने गए थे, उमर और मैंनेैे मिलकर पांच गाएं दौसा से खरीदी, जिसमे जावेद भी शामिल था। इसके बाद जब हम गोविंदगढ़ गांव से गुजर रहे थे तभी 6-7 लोगों ने हमपर हमला कर दिया, ये लोग एक घर के पीछे छिपे थे, वहां से इन लोगों ने हमपर गोलियां चलाई। ताहिर इस वक्त चिल्लाया लेकिन हमलवारों ने गोली चलानी जारी रखी, जिसके बाद मैं गाड़ी का दरवाजा खोलकर कूद गया, जिसके बाद उन लोगों ने मेरा पीछा करना शुरू कर दिया, लेकिन किसी तरह से मैं भागने में सफल रहा।
तीन दिन बाद पहुंचे घर
ताहिर बताते हैं कि वह गाड़ी में बीच की सीट पर बैठे थे, उमर मेरे बाए बैठा था, जैसे ही उसने दरवाजा खोला उसे गोली लगी, मैंने भागने की कोशिश की लेकिन मेरे बाएं हाथ में गोली लग गई । भागते हुए कुछ दूर जाकर मैं बेहोश हो गया। तकरीबन एक घंटे बाद जब मुझे होश आया तो मैंने फिर से भागना शुरू किया, मैंने एक बाईक सवार से मदद मांगी, उसने मुझे मेरे गांव के पास छोड़ा, जिसके बाद मेरा परिवार मुझे अस्पताल लेकर गया। तभी जावेद भी गांव पहुंच गया। हमले के तीन दिन बाद ताहिर और जावेद अपने घर पहुंचे हैं और वह अपने ठिकाने के बारे में नहीं बताना चाहते हैं।
गर्भवती है उमर की पत्नी
उमर की पत्नी खुर्शीदा जोकि गर्भवती हैं, उनकी एक बेटी नौ साल की है, एक बेटा है जोकि 18 साल का है। खुर्शीदा का कहना है कि हम अपने बच्चों को गाय का दूध और घी देना चाहते थे, इसीलिए उमर गुरुवार को 15000 रुपए लेकर गए थे, मैंने कहा था कि अगर हमारे पास गाय होगी तो हम कुछ दूध अपने बच्चों को और कुछ दूध बेच सकते हैं, जैसा कि गांव में अन्य लोग करते हैं, हमारे पास भैंस खरीदने के पैसे नहीं थे।












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