बिहार के बाद बंगाल में वोटर लिस्ट विवाद, ममता बनर्जी बोलीं, 'नागरिकों के अधिकार छीनने नहीं देंगे'
Mamata Banerjee Voter list: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने BJP और चुनाव आयोग (EC) के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2026 विधानसभा चुनावों से पहले बंगालियों के मताधिकार को छीनने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के माध्यम से मतदाता सूची में हेरफेर किया जा रहा है।
कोलकाता में टीएमसी के छात्र संगठन की स्थापना दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता ने दावा किया कि भाजपा ने देशभर से 500 से अधिक टीमें बंगाल में भेजी हैं, जो मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए सर्वे कर रही हैं।

चुनाव आयोग पर भड़की सीएम ममता
मुख्यमंत्री ने कहा कि, वे किसी को भी नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार छीनने की अनुमति नहीं देंगी। उन्होंने चुनाव आयोग पर राज्य अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाते हुए कहा, 'EC सिर्फ चुनाव के तीन महीने तक अपनी शक्तियों का प्रयोग कर सकता है, पूरे वर्ष नहीं।' उन्होंने समर्थकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा, "आपको यह सुनिश्चित करना है कि आपका नाम अभी भी मतदाता सूची में है या नहीं। अपने पास आधार कार्ड जरूर रखें।
अभिषेक बनर्जी ने मतदाता सूची की सुरक्षा के लिए जन आंदोलन की बात कही। उन्होंने कहा, 'पहले मतदाता सरकार चुनते थे, अब भाजपा लोकतंत्र के खिलाफ SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाता चुन रही है। अगर वे किसी वैध मतदाता का नाम हटाने की हिम्मत करते हैं, तो हम दिल्ली में विरोध करेंगे।'
बांग्ला भाषा का अपमान का भी आरोप लगाया
चुनाव आयोग के अलाव ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बांग्ला भाषा का अपमान करने और बंगालियों पर जबरदस्ती दूसरी भाषा थोपने का आरोप लगाया। ममता ने इस विवाद को सांस्कृतिक लड़ाई बताया। ममता ने कहा, अगर बांग्ला नहीं रहेगा, तो राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत किस भाषा में होंगे? वे लोग स्वतंत्रता संग्राम में बंगालियों की ऐतिहासिक भूमिका को भूलना चाहते हैं। हम इस भाषाई आतंक को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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BJP ने बताया नाटक
BJP ने ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से नाटक करार दिया है। बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि, 'टीएमसी पहले ही यह जान चुकी है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वे सत्ता में टिकने में सफल नहीं होंगे। इसीलिए वे इस तरह की कथित और असत्यापित कहानियां जनता के सामने पेश कर रहे हैं ताकि अपनी छवि को बचाया जा सके और लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जा सके। बंगाल की जनता अब समझ चुकी है कि भाजपा ही राज्य में विकास और स्थिर शासन का असली विकल्प है। वे यह भी जानते हैं कि टीएमसी ने अपने पिछले कार्यकाल में कई मुद्दों पर विफलता दिखाई है, और जनता इसके प्रति सचेत हो गई है।'
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