बिहार विधानसभा चुनाव 2025: SIR में 98 फीसदी वोटरों की पहचान पक्की, अब अंतिम मतदाता सूची पर टिकी निगाहें
Bihar Assembly Election 2025:देश में इस साल एक ही बड़ा चुनाव होने वाला है। वो है बिहार विधानसभा चुनाव 2025। यह चुनाव न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का टेस्ट है बल्कि बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की परीक्षा भी है। इंडिया गठबंधन के दो बड़े पार्टनर कांग्रेस के राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव को भी असलियत का पता चला जाएगा।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दलित यूथ आइकन केंद्रीय उद्योग मंत्री लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान का शक्ति प्रदर्शन होने के साथ-साथ गेमचेंजर माने जा रहे जन सुराज पार्टी प्रशांत किशोर का भी फैसला होगा कि अर्श पर रहेंगे फर्श पर।

दरअसल, बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटें हैं। एक-एक सीट पर कांटे की टक्कर है, क्योंकि बिहार का यह चुनाव लोकसभा चुनाव 2029 का रास्ता तय करेगा। जनवरी 2024 में इंडिया गठबंधन छोड़कर एनडीए में वापसी करने वाले नीतीश कुमार, आरजेडी के तेजस्वी और तेजप्रताप की अलग-अलग राजनीतिक बयानबाज़ी और चिराग पासवान व प्रशांत किशोर ने मुकाबले को रोचक बना दिया है।
बिहार में एसआईआर: 98 फीसदी वोटरों के दस्तावेज जमा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। चुनाव आयोग की साख पर सवाल उठ रहे हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव आयोग की ओर से चलाया जा रहा खास अभियान है, जिसका मकसद मतदाता सूचियों का अपडेट करने, सत्यापित और उसे अधिक समावेशी बनाना है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बिहार की मतदाता सूचियों में से जुलाई 2025 तक 65 लाख से अधिक नाम हटाए जाने के बाद से सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इसी कड़ी में निर्वाचन आयोग बिहार ने बताया कि एसआईआर के दौरान अब तक 98.2 प्रतिशत वोटरों के दस्तावेज प्राप्त कर चुके हैं।
एसआईआर के तहत मतदाताओं की पहचान संबंधी दस्तावेज जमा करवाने की प्रक्रिया 24 जून से शुरू हुई थी, जो 24 अगस्त 2025 को पूरी हो चुकी है। 60 दिन की इस प्रक्रिया में अधिकांश मतदाताओं की पहचान कर ली। 25 सितंबर तक मतदाता सूचियों पर दावे और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस ने देश में कथित 'वोट चोरी' को मुद्दा बनाया है, जिस पर पिछले दिनों चुनाव आयोग को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई तक देनी पड़ी।
राहुल गांधी कर्नाटक के बेंगलुरु शहर की महादेवपुरा सीट पर एक लाख से ज्यादा वोटों की चोरी का कथित खुलासा करने के बाद बिहार की सियासी जमीन पर उतर आए हैं।
राहुल गांधी बिहार में तेजस्वी यादव के साथ मिलकर वोटर अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। यात्रा के दौरान राहुल गांधी एसआईआर को भी वोट चोरी का माध्यम बता रहे हैं। राहुल बोले कि बिहार की मतदाता सूची से लाखों नाम हटा दिए, जिनकी विपक्ष लगातार शिकायत कर रहा है, मगर भाजपा ने इस पर कोई सवाल नहीं उठाया।
मुख्य गठबंधन
- एनडीए: बीजेपी, JDU, LJP (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा
- महागठबंधन (MGB): RJD, कांग्रेस, वाम दल
मुख्यमंत्री पद का दावेदार
- एनडीए में मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार सबसे मजबूत चेहरे हैं।
- महागठबंधन में तेजस्वी यादव इस पद के प्रमुख दावेदार हैं।
बिहार में सीट शेयरिंग
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखें घोषित होने से पहले NDA (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) गठबंधन में सीटों के बंटवारे को बातचीत अंतिम चरण में है। मीडिया की खबरों के अनुसार कुल 243 सीटों में से BJP (भारतीय जनता पार्टी) और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच सहमति बनी है कि दोनों पार्टी 100 से 105 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। हालांकि आधिकारिक ऐलान बाकी है।
चिराग पासवान की पार्टी LJP (RV) 40 सीटें मांग रही है। जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) को भी कई सीटें दी जा सकती हैं। इसके अलावा मुकेश सहनी की पार्टी VIP (विकासशील इंसान पार्टी), जो अभी RJD-कांग्रेस के महागठबंधन के साथ है, पाला बदलती है तो समीकरण बदल सकते हैं।












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