SIR से Mamata Banerjee को क्या है आपत्ति? चुनाव आयोग से दीदी ने मांगा 2 साल का और समय
Mamata Banerjee On SIR: बिहार में वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर जमकर बवाल हो रहा है। इस मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार संसद के दोनों सदनों में विरोध जता रहे हैं। बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी (RJD) खास तौर पर SIR के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। अब बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी इसके खिलाफ खुलकर सामने आ गई हैं। ममता सरकार की ओर से चुनाव आयोग को भेजे पत्र में कहा कि बंगाल फिलहाल इस बदलाव के लिए तैयार नहीं है। इसके लिए दो साल का समय मांगा है।
बंगाल में अगले साल चुनाव होने वाले हैं और SIR अब वहां भी लागू किया जाएगा। हालांकि, ममता बनर्जी ने पहले ही इसके लिए आनाकानी करनी शुरू कर दी है। बंगाल सरकार ने कहा कि इसके लिए कम से कम दो साल का समय मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक तमाशा भर है।

Mamata Banerjee ने चुनाव आयोग को भेजा संदेश
बता दें कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल एसआईआर के लिए तैयार है। हालांकि, बंगाल में सरकार ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर अपनी अनिच्छा जाहिर की है। बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत ने कहा कि राज्य अभी एसआईआर के लिए तैयार नहीं है। फिलहाल इस तरह से मतदाता सूची का एसआईआर नहीं किया जा सकता है। इसके लिए कम से कम दो और साल लगेंगे।
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ममता बनर्जी क्यों कर रही हैं SIR का विरोध?
बताया जा रहा है कि बंगाल सरकार की ओर से लिखे पत्र में इस बात की शिकायत की गई है कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बिना कोई परामर्श किए इस तरह का फैसला लिया है। राज्य सरकार से प्रक्रिया के लिए जरूरी इनपुट नहीं लिए गए और एकतरफा रिपोर्ट भेजी गई है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ममता को बंगाल में SIR से क्या आपत्ति है? अब तक उनकी पार्टी की ओर से इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है, सिवाय इसके कि इस प्रक्रिया में काफी गड़बड़ियां हैं।
ममता बनर्जी तो SIR की तुलना करते हुए कह चुकी हैं कि यह प्रदेश में एनआरसी लागू करने की साजिश है। इसे कुछ लोगों को परेशान करने के उद्देश्य से लाया गया है और इसलिए वह बंगाल में इसे लागू नहीं करने देंगी।
SIR का विरोध करने वाले दलों में टीएमसी भी शामिल
संसद में बिहार में वोटर संशोधन प्रक्रिय पर कांग्रेस, आरजेडी, लेफ्ट पार्टियों के साथ टीएमसी भी जमकर विरोध कर रही है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, काकोली घोष समेत कई अन्य सांसदों ने इस प्रक्रिया का विरोध करते हुए कहा है कि इसमें बहुत खामियां हैं। ममता बनर्जी पहले ही वोटर संशोधन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कह चुकी हैं कि यह कुछ लोगों को परेशान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है और सिर्फ एक नाटक भर है। तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि वोट चोरी को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग को पहले उन सवालों का जवाब देना चाहिए।
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