ममता बनर्जी को याद आया 'राज धर्म'? महिला अफसर से बदतमीजी करने पर मंत्री की छुट्टी!
West Bengal News: बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने अपनी सरकार के एक राज्यमंत्री अखिल गिरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनसे इस्तीफा मांग लिया है। गिरी का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वह वन विभाग की एक महिला अधिकारी के साथ बदतमीती करते और उन्हें सरेआम धमकाते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक टीएमसी ने अखिल गिरी से उस महिला अफसर से बिना शर्त माफी मांगने को भी कहा है। इस घटना का बंगाल में जोरदार विरोध हो रहा है। कहा जा रहा है कि इस बार गिरी का बर्ताव पार्टी सुप्रीमो को भी पसंद नहीं आया है।

हम ऐसे बर्ताव का समर्थन नहीं करते-टीएमसी
बताया जा रहा है कि टीएमसी की ओर से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्षी ने अखिल गिरी से बात की और उनतक पार्टी का संदेश पहुंचा दिया।
टीएमसी प्रवक्ता डॉ. सांतनु सेन ने कहा है, 'कल हमारे मंत्री ने एक महिला वन अधिकारी के साथ बदतमीजी की और हमने तुरंत ही साफ कर दिया कि हम ऐसे बर्ताव का समर्थन नहीं करते....हमारी वन मंत्री बिरबाहा हांसदा ने भी उस अफसर से बात की है।'
टीएमसी ने मंत्री से इस्तीफा भेजने को कहा- तृणमूल प्रवक्ता
तृणमूल प्रक्ता के अनुसार, 'आज पार्टी के निर्देश पर हमारे प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्षी ने टेलीफोन पर अखिल गिरी से बात की और उन्हें निर्देश दिया कि अफसर से माफी मांगें और पार्टी को अपना इस्तीफा भेज दें।'
तृणमूल कांग्रेस राज धर्म निभाती है- ममता बनर्जी की पार्टी
टीएमसी नेता ने कहा, 'यहां यह गौर करने वाली बात है कि तृणमूल कांग्रेस राज धर्म का पालन करती है और सिर्फ तृणमूल कांग्रेस ही एक पार्टी के तौर पर ऐसी कार्रवाई कर सकती है।'
इसके साथ ही उन्होंने मुख्य विपक्षी बीजेपी पर आरोप लगाने में भी देर नहीं की और बोले, 'महिला-विरोधी बीजेपी ऐसा कदम कभी नहीं उठाएगी। और पहले जो महिला-विरोधी गतिविधियों में शामिल थी सीपीएम, वह भी ऐसा राज धर्म नहीं दिखा पाएगी।'
राष्ट्रपति मुर्मू पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं अखिल गिरी
जहां तक विवादित मंत्री की बात है तो वह अपने बयानों की वजह से पहली बार गलत वजहों से चर्चा में नहीं आए हैं। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं, जिसपर पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक को खेद जताना पड़ा था।
ममता पहले क्यों नहीं दिखा पाईं राज धर्म वाला साहस?
शायद देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद ही ममता ने 'राज धर्म' वाली दिलेरी दिखाई होती तो हो सकता है कि एक महिला अफसर को आज सार्वजनिक तौर पर इस तरह से जलील नहीं होना पड़ता।
यही नहीं, संदेशखाली में टीएमसी से जुड़ी कई महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी पार्टी के तत्कालीन नेता शाहजहां शेख के खिलाफ भी तृणमूल ने 'राज धर्म' का साहस क्यों नहीं दिखाया?
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गिरी पर भारी पड़ीं वन मंत्री- भाजपा
बंगाल बीजेपी की मीडिया को-इंचार्ज केया घोष ने एक्स पर दावा किया है कि, 'सुना है कि अभी अखिल गिरी ने इस्तीफा दे दिया है। अगर आप सोच रहे हैं कि टीएमसी सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपमान के विरोध में कोई कदम उठाया है तो आप बेवकूफ हैं। ऐसा इस वजह से हुआ, क्योंकि वन मंत्री बीरबाहा हांसदा को अखिल गिरी से ज्यादा अहमियत दी गई है। नहीं तो जब अखिल गिरी ने माननीय राष्ट्रपति का बेहद अपमानजनक तरीके से मजाक उड़ाया था, तभी उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए था।'












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