Maharashtra: चुनाव से पहले जेल में बंद सचिन वाजे के खुलासे से किसकी बढ़ी मुसीबत?
Maharashtra Politics: जेल में बंद महाराष्ट्र पुलिस के एक पूर्व अधिकारी सचिन वाजे के खुलासे ने विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश की राजनीति में बवंडर खड़ा कर दिया है। वाजे को लेकर पहले से ही विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) सवालों के घेरे में रहा है।
अब वाजे ने जो कुछ कहा है, उसने भाजपा को एक नया हथियार थमा दिया है। वाजे ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन उद्धव ठाकरे की सरकार में मंत्री रहे जयंत पाटिल भी बारों से जबरन उगाही मामले में कथित रूप से शामिल रहे हैं।

हत्या के आरोपी पूर्व पुलिस अफसर के सनसनीखेज खुलासे
वाजे ने दावा किया है कि उसने इस मामले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक चिट्ठी भी लिखी है। इस कांड में महा विकास सरकार में गृह मंत्री रहे अनिल देशमुख का नाम पहले से ही आ चुका है।
वाजे अभी हत्या के एक मामले में जेल में है, लेकिन उसके दावों ने बीजेपी और एनसीपी (शरद पवार) के बीच जुबानी जंग बढ़ा दी है। क्योंकि, पाटिल और देशमुख दोनों ही उसी से जुड़े हैं।
फडणवीस ने कही है जरूरत पड़ने पर जांच की बात
वाजे ने उस समय यह बयान दिया है, जब उसे पुलिस सुनवाई के लिए अदालत में पेश करने के बाद वापस जेल ले जा रही थी। इस मामले में डिप्टी सीएम फडणवीस का कहना है कि उन्होंने वाजे की चिट्ठी नहीं पढ़ी है और जरूरत पड़ने पर इसकी तहकीकात की जाएगी।
जेल में बंद आरोपी के आरोपों का जवाब देने की जरूरत नहीं- एनसीपी (शरद पवार) नेता
हालांकि, टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक जयंत पाटिल वाजे के आरोपों पर साफ जवाब देने से कन्नी काट रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अब जेल में बंद व्यक्ति भी इंटरव्यू दे रहा है। उसके (वाजे) खिलाफ गंभीर आरोप हैं, मुझे नहीं लगता कि मुझे उसको जवाब देने की जरूरत है।'
सचिन वाजे का निलंबन खत्म करने को लेकर घिर चुकी है उद्धव सरकार
बता दें कि उद्धव ठाकरे की सरकार पर कई गंभीर आरोपों के बावजूद सारे नियमों को ताक पर रखकर सचिन वाजे का निलंबन खत्म करने के आरोप भी लग चुके हैं। उसपर उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर उगाही के इरादे से विस्फोटक प्लांट करवाने के आरोप हैं, जिसकी वजह से एनआईए ने उसे गिरफ्तार किया था।
अनिल देशमुख के दावों के बाद ही शुरू हुए नए खुलासे
हाल में अवैध उगाही का यह मामला तब फिर से सुर्खियों में आया है, जब उद्धव सरकार में गृह मंत्री रह चुके अनिल देशमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीन साल पहले उनपर तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे, उनके बेटे और तत्कालीन कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे समेत तत्कालीन डिप्टी सीएम अजित पवार और पूर्व मंत्री अनिल परब के खिलाफ झूठा हलफनामा देने का दबाव डाला था।
अनिल देशमुख पर वाजे के माध्यम से 100 करोड़ की उगाही के लगे थे आरोप
2021 में उद्धव की अगुवाई वाली एमवीए सरकार के दौरान मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को मुंबई के ऑर्केस्ट्रा बारों से 100 करोड़ रुपए उगाही करने के निर्देश दिए थे।
पूर्व पुलिस कमिश्नर ने अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक प्लांट करने और मनसुख हिरन हत्याकांड से जुड़े विवादों की वजह से पद से हटाए जाने के बाद देशमुख को लेकर यह दावा किया था।
एनसीपी (शरद चंद पवार) वाजे के खुलासों की टाइमिंग पर उठा रही है सवाल
उधर अनिल देशमुख ने भी वाजे के आपराधिक बैकग्राउंड की वजह से उसके बयानों को भरोसा नहीं करने लायक बताया है। उनका आरोप है कि वाजे के बयानों के पीछे कहीं न कहीं फडणवीस हैं, क्योंकि उन्होंने उनके खिलाफ खुलासा किया है। वहीं एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले विधानसभा चुनावों से पहले वाजे के दावों को लेकर सवाल खड़ी कर रही हैं।
नार्को टेस्ट के लिए तैयार हों पूर्व गृहमंत्री- बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष
इस बीच महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने पूर्व गृहमंत्री देशमुख को यह चुनौती दे दी है कि अगर वह पाक-साफ हैं तो उन्हें जांच के लिए तैयार होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अनिल देशमुख से मेरा आग्रह है कि सचिन वाजे नार्को टेस्ट के लिए तैयार है। उन्हें भी कहना चाहिए कि मैं भी जांच, नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं, लेकिन वे सिर्फ देवेंद्र फडणवीस के बारे में बात करते हैं।'
उनका कहना है, 'महा विकास अघाड़ी का कोई नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम लिए बिना नहीं सो सकता। उन्हें डर है कि उनका भ्रष्टाचार उजागर हो जाएगा।'












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