Punjab School Education Ranking: भगवंत मान की 'शिक्षा क्रांति' ने रचा इतिहास, पंजाब बना देश का नंबर-1 राज्य
Punjab School Education Ranking: पंजाब की भगवंत मान सरकार की 'शिक्षा क्रांति' ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा ली है। नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस उपलब्धि का श्रेय स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, डिजिटल क्रांति और शिक्षकों को दिए गए अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण को दिया है। आज पंजाब के सरकारी स्कूल न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, बल्कि पढ़ाई के नतीजों में भी सबसे आगे हैं।

नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब का दबदबा
नीति आयोग की रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि पंजाब अब शिक्षा का नया मॉडल बन चुका है। बुनियादी शिक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में पंजाब को देश में पहला स्थान मिला है। खास बात यह है कि पंजाब ने भाषा और गणित जैसे विषयों में केरल से भी बेहतर स्कोर किया है। यह रैंकिंग दर्शाती है कि राज्य सरकार की नीतियां ज़मीनी स्तर पर बदलाव ला रही हैं और सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का नजरिया बदल रहा है।
स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
पंजाब के सरकारी स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। आज राज्य के 80.1 प्रतिशत स्कूल स्मार्ट क्लासरूम से लैस हैं, जो कि पड़ोसी राज्य हरियाणा (50.3%) से कहीं आगे है। इसके अलावा, 88.9 प्रतिशत स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट और 99 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध है। शत-प्रतिशत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करके मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक अब केवल निजी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगी।
भाषा और गणित में केरल को पछाड़ा
शैक्षिक परिणामों की बात करें तो पंजाब के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। तीसरी कक्षा की भाषा परीक्षा में पंजाब ने 82 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि केरल 75 प्रतिशत पर रहा। इसी तरह गणित में भी पंजाब के बच्चों का दबदबा रहा। तीसरी कक्षा में जहाँ पंजाब को 78 प्रतिशत अंक मिले, वहीं केरल को 70 प्रतिशत मिले। नौवीं कक्षा के गणित में भी पंजाब ने केरल को 7 अंकों के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है।
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शिक्षकों का प्रशिक्षण और आधुनिक सोच
मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार, इस सफलता के पीछे शिक्षकों की कड़ी मेहनत और उन्हें दिया गया उन्नत प्रशिक्षण है। मान सरकार ने शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों और आधुनिक तकनीक सीखने के लिए विशेष अवसर प्रदान किए। इसी का परिणाम है कि आज सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का तरीका बदल गया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को बधाई देते हुए इसे सामूहिक प्रयास का सुखद परिणाम बताया है।
'नंबर वन' पंजाब का नया विजन
शिक्षा के क्षेत्र में मिली इस ऐतिहासिक जीत के बाद पंजाब सरकार का उत्साह दोगुना हो गया है। मुख्यमंत्री मान का कहना है कि शिक्षा में निवेश करना भविष्य में निवेश करने जैसा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह पंजाब शिक्षा में अग्रणी बना है, जल्द ही वह कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे हर क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य बनकर उभरेगा। 'रंगला पंजाब' बनाने की दिशा में यह शिक्षा क्रांति एक मजबूत बुनियाद साबित हो रही है।












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