Mamata Banerjee : बंगाल में लेफ्ट को नेस्तनाबूद करने वाली 'दीदी क्या बनेंगी चौथी पर सीएम? खुला राज
Mamata Banerjee Birthday : आज देश की दिग्गज नेताओं में से एक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जन्मदिन है, पीएम मोदी ने भी उन्हें बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि 'पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना करता हूं।'
आपको बता दें कि इस साल बंगाल में चुनाव होने हैं, 294 विधानसभा सीट वाले बंगाल में मार्च-अप्रैल में इलेक्शन हो सकते हैं। पीएम मोदी ने दिल्ली के मंच से ऐलान किया है कि 'इस बार बंगाल में कमल खिलेगा' तो वहीं ममता के समर्थकों को पूरा भरोसा है कि इस बार फिर से दीदी ही राज्य की सीएम बनेंगी और इतिहास रचेंगी।

खैर अब किसके दावों में कितनी सच्चाई है, ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन यहां पर आपको बता दें कि ममता बनर्जी के लिए ये साल आसान नहीं रहने वाला है। अंकशास्त्री कविता शर्मा के मुताबिक मूलांक 5 वालों के लिए साल 2026 कई उतार-चढ़ाव वाला साबित होने वाला है इसलिए ममता की डगर मुश्किल हो सकती है।
मूलांक 5 वालों को देखना होगा उतार-चढ़ाव
कविता शर्मा के मुताबिक जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 5 होता है। मूलांक 5 के स्वामी बुध ग्रह माने जाते हैं, जो बुद्धि, संवाद, व्यापार, चतुराई और तेज निर्णय क्षमता का कारक है।
राजनीति वालों के लिए अनुकूल रहेगा साल 2026
साल 2026 राजनीति , कम्युनिकेशन, मीडिया, मार्केटिंग, आईटी, सेल्स, ट्रैवल और बिज़नेस से जुड़े लोगों के लिए यह साल खास तौर पर अनुकूल रहेगा लेकिन इन्हें संघर्ष करना पड़ सकता है, इन्हें जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना जरूरी होगा। स्वास्थ्य के लिहाज से 2026 में सतर्क रहने की जरूरत है। मानसिक तनाव, नींद की कमी और पाचन संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

Mamata Banerjee के लिए संघर्ष भरा रहा है साल 2026
इसलिए कहा जा सकता है कि ममता बनर्जी के लिए साल 2026 संघर्षों से भरा है। राजनीतिक पटल पर उठा-पटक हो सकती है लेकिन अंकज्योतिष के मुताबिक ये साल उन्हें लाभ ही देकर जाएगा इसलिए ममता बनर्जी को चुनाव में पराजित करना आसान नहीं होगा।
Mamata Banerjee ने रचा था इतिहास
मालूम हो कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संस्थापक अध्यक्ष भी हैं। उनके पिता प्रोमिलेश्वर बनर्जी एक स्वतंत्रता सेनानी थे। ममता बनर्जी ने कोलकाता विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक, इस्लामी इतिहास में स्नातकोत्तर और शिक्षा में बीएड किया है। ममता बनर्जी ने बहुत कम उम्र में राजनीति में कदम रखा। वे शुरुआत में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ी रहीं। वर्ष 1984 में उन्होंने लोकसभा चुनाव में वाम मोर्चा के दिग्गज नेता सोमनाथ चटर्जी को हराकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। यह जीत उनके राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट मानी जाती है।

Mamata Banerjee ने बंगाल में लेफ्ट को किया नेस्तनाबूद
वाम मोर्चा और कांग्रेस से मतभेदों के बाद ममता बनर्जी ने वर्ष 1998 में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना की। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल में लगातार वाम सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाया और जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई। साल 2011 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में 34 साल से चली आ रही वाम मोर्चा सरकार का अंत किया। इसके साथ ही ममता बनर्जी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। इसके बाद 2016, 2021 और 2024 में भी उन्होंने सत्ता बरकरार रखी और लगातार जीत दर्ज की।












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