GST पर तमिलनाडु के व्यापारी की चिंताओं का सीतारमण ने उड़ाया मजाक, माफी के लिए किया मजबूर: खड़गे
Mallikarjun kharge Targets Nirmala Sitharaman: तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित एक एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) बैठक में, अन्नपूर्णा होटल के प्रबंध निदेशक श्रीनिवासन ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) पर टिप्पणी की, जिसके बाद उन्हें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से माफी मांगनी पड़ी।
उनका भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे जीएसटी की वर्तमान व्यवस्था पर व्यापक बहस शुरू हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए एक्स (पहले ट्विटर) पर भाजपा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर निशाना साधा।

खड़गे ने कहा कि कोयंबटूर में जीएसटी दरों की जटिलताओं पर चिंता व्यक्त करने पर एक स्थानीय उद्यमी, श्रीनिवासन, का उपहास उड़ाया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। खड़गे के अनुसार, यह घटना वित्त मंत्री के अहंकार का प्रदर्शन थी।
श्रीनिवासन की जीएसटी दरों पर चिंता
बैठक के दौरान, श्रीनिवासन ने जीएसटी की दरों की बेतुकी व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिठाई पर 5% जीएसटी है, नमकीन पर 12%, सादे बन्स पर 0%, और क्रीम से भरे बन्स पर 18% कर लगता है। यह प्रणाली न केवल व्यापारियों के लिए बल्कि कर अधिकारियों के लिए भी अत्यधिक जटिल और थकाऊ है। उनकी इस चिंता को गंभीरता से लेने के बजाय, वित्त मंत्री ने सार्वजनिक मंच पर उनका मजाक उड़ाया।
माफी और अपमान
इस घटना के बाद, श्रीनिवासन को व्यक्तिगत रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। माफी के बाद भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ने श्रीनिवासन के माफी वाले वीडियो को साझा किया। खड़गे ने इसे तमिलनाडु के गौरव का अपमान बताते हुए कहा कि यह घटना उस धमकी और दबाव का प्रतीक है जो वर्तमान सरकार अपने आलोचकों पर डाल रही है।
'लोगों की आवाज दबा रही सरकार'
खड़गे ने अपने बयान में कहा कि लोकतांत्रिक समाज में, लोक सेवकों से यह उम्मीद की जाती है कि वे जनता की समस्याओं को सुनें और समाधान सुझाएं। मगर, यहां उल्टा हुआ - सरकार की तरफ से लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया।
राहुल गांधी का भी सरकार पर निशाना
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब छोटे व्यवसायी, जैसे कि अन्नपूर्णा रेस्तरां के मालिक, सरकार से जीएसटी को सरल बनाने की मांग करते हैं, तो उन्हें अहंकार और उपेक्षा के साथ जवाब दिया जाता है। दूसरी ओर, जब अरबपति मित्र नियमों को तोड़ना या अपने लाभ के लिए कानून बदलवाना चाहते हैं, तो उनके लिए लाल कालीन बिछाया जाता है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि छोटे व्यापारियों को पहले ही नोटबंदी, बैंकिंग समस्याओं और जटिल जीएसटी के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ा है, और अब सरकार से मिलने वाला अपमान उनकी स्थिति को और खराब कर रहा है।
MSMEs के लिए राहत की मांग
एमएसएमई क्षेत्र सालों से सरलीकृत जीएसटी व्यवस्था की मांग कर रहा है। खड़गे ने कहा कि अगर, सरकार जनता की समस्याओं को सुनती, तो एक समान टैक्स दर की प्रणाली लाखों व्यापारियों की परेशानियों का समाधान कर सकती थी। लेकिन सरकार की ओर से इस मुद्दे पर सुनवाई नहीं हो रही है, और सत्ता में बैठे लोगों के अहंकार के कारण व्यापारियों को अपमान का सामना करना पड़ रहा है।












Click it and Unblock the Notifications