Mahatma Gandhi Death Anniversary: बापू की 78वीं पुण्यतिथि पर राष्ट्र हुआ नतमस्तक, राजघाट पर श्रद्धांजलि
Mahatma Gandhi Death Anniversary: भारत आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर उन्हें नमन कर रहा है। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को आजादी दिलाने वाले 'बापू' के बलिदान की याद में आज पूरा देश 'शहीद दिवस' (Shaheed Diwas) मना रहा है।
हर साल 30 जनवरी को यह दिन शहीद दिवस (Martyrs' Day) के रूप में मनाया जाता है, जब पूरा देश न सिर्फ महात्मा गांधी को याद करता है, बल्कि उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन करता है जिन्होंने भारत की आज़ादी, एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

PM Modi Tribute Mahatma Gandhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधीजी का 'स्वदेशी' का आह्वान विकसित भारत के निर्माण की बुनियादी सोच है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरी श्रद्धांजलि। स्वदेशी पर उनका विशेष ज़ोर आज आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प की एक मजबूत नींव है। उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी का व्यक्तित्व और उनके कार्य देशवासियों को हमेशा कर्तव्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
Rajghat Tribute: राजघाट पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राजघाट में उनकी समाधि पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं द्वारा प्रार्थनाएं की गईं, जो गांधीजी के सर्वधर्म समभाव और अहिंसा के सिद्धांतों को दर्शाती हैं। राजघाट पर देश के शीर्ष नेताओं, गणमान्य व्यक्तियों और आम नागरिकों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
आज़ादी की लड़ाई के मार्गदर्शक थे महात्मा गांधी
महात्मा गांधी भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वह स्तंभ थे, जिन्होंने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आज़ादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनका जीवन सादगी, आत्मबल और नैतिक मूल्यों का प्रतीक रहा। उन्होंने न सिर्फ अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया, बल्कि समाज में फैली कुरीतियों, भेदभाव और अन्याय के खिलाफ भी आवाज़ उठाई।
स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की सोच
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा स्वदेशी को महत्व दिया, जो आज सरकार के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प का अहम स्तंभ है। गांधीजी का मानना था कि देश की असली ताकत उसके गांव, स्थानीय उद्योग और आत्मनिर्भर समाज में निहित है।
शहीद दिवस का महत्व
30 जनवरी को शहीद दिवस इसलिए भी मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन वर्ष 1948 में महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी। यह दिन हमें याद दिलाता है कि आज़ादी और शांति की कीमत कितनी बड़ी होती है। यह अवसर देश के उन सभी वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देने का है, जिन्होंने अपने बलिदान से भारत को स्वतंत्र और मजबूत राष्ट्र बनाया।
आज भी प्रासंगिक हैं गांधीजी के विचार
आज के दौर में भी महात्मा गांधी के विचार-अहिंसा, सत्य, समानता और आत्मनिर्भरता-पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सामाजिक सद्भाव, शांति और न्याय के लिए उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना स्वतंत्रता संग्राम के समय था। शहीद दिवस के मौके पर पूरा देश एक बार फिर संकल्प ले रहा है कि वह महात्मा गांधी के आदर्शों को अपनाकर एक शांतिपूर्ण, समावेशी और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगा।












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