उद्धव ठाकरे पर भी बाल ठाकरे की तरह हो सकती है कार्रवाई? ऐक्शन मूड में चुनाव आयोग, जाने क्या है पूरा विवाद

Maharashtra Lok Sabha Election: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के खिलाफ चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने को कहा है। दरअसल, भाजपा ने आरोप लगाया है कि उद्धव ने चुनाव आयोग को लेकर दावा किया है कि वह बीजेपी का गलत तरीके से मदद कर रहा है।

मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने शिवसेना (यूबीटी) सुप्रीमो के खिलाफ चुनाव आयोग से यह शिकायत की है कि उन्होंने मुंबई में चुनाव वाले दिन प्रेस कांफ्रेंस किया और चुनाव आयोग पर बीजेपी की सहायता करने के आरोप लगाए।

lok-sabha-chunav

चुनाव आयोग को 'बीजेपी का नौकर' कहा!
20 मई को महाराष्ट्र में जिस दिन पांचवें और अंतिम चरण में मुंबई में वोटिंग हो रही थी, ठाकरे ने धीमे मतदान की शिकायत की थी। उनका आरोप था कि खासकर यह समस्या उन बूथों पर ज्यादा है, जहां उनकी पार्टी को समर्थन मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर चुनाव आयोग पर 'बीजेपी के नौकर' की तरह काम करने तक का भी आरोप लगा दिया।

धीमी मतदान को लेकर उद्धव ठाकरे ने जताई थी नाराजगी
यहां तक की ठाकरे ने वोटरों से उन चुनाव अधिकारियों का नाम नोट करने के लिए भी कहा जो कथित तौर पर देरी कर रहे हैं। वैसे मुंबई में मतदान की धीमी रफ्तार की शिकायत शेलार के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी चुनाव आयोग से की थी।

बीजेपी ने ठाकरे पर लगाया है आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
मुंबई बीजेपी अध्यक्ष शेलार ने कहा, 'चुनाव आयोग से हमने भी शिकायत की थी। लेकिन, ठाकरे ने एक प्रेस कांफ्रेंस की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी बीजेपी से प्रभावित थे। यह झूठ फैलाने जैसा है। उन्होंने मतदाताओं से उनके नाम लिखने को कहकर चुनाव अधिकारियों को धमकाया भी। ये आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।'

हम इस मामले की जांच करेंगे- निर्वाचन अधिकारी
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर के एक अधिकारी ने कहा, 'चुनाव आयोग ने हमसे उचित कार्रवाई करने को कहा है, इसलिए अब हम इस मामले की जांच करेंगे।'

बाल ठाकरे का मताधिकार छीन चुका है चुनाव आयोग
बता दें कि चुनाव आयोग ने एक बार उद्धव ठाकरे के पिता और शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के मतदाधिकार और चुनाव लड़ने के अधिकार पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। उनपर चुनाव सभाओं में कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगाए गए थे।

इसके बाद चुनाव आयोग की सिफारिशों पर 28 जुलाई, 1999 को उनसे 6 साल तक के लिए उनके मतदान का अधिकार और चुनाव लड़ने का अधिकार छीन लिया गया। उनपर यह पाबंदी 11 दिसंबर, 1999 से लेकर 10 दिसंबर,2005 तक लागू रही।

संयोग से पहले बीजेपी ही इसे चुनावी मुद्दा बनाती रही है। लेकिन, आज उद्धव ठाकरे की पार्टी उसी कांग्रेस खेमे के साथ हैं, जिसपर भाजपा बाल ठाकरे के लोकतांत्रिक अधिकार छीनने का आरोप लगाती रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+