Maharashtra-Haryana Election Results 2019: दो राज्यों के चुनाव में मुकद्दर के सिंकदर बनकर उभरे ये दो लोग
नई दिल्ली। महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे कुछ देर में साफ हो जाएंगे। दोनों राज्यों में वोटों की गिनती चल रही है और रुझान के बाद अब नतीजे आने शुरू भी हो गए है। अभी तक के हाल की बात करें तो उसमें भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना की जोड़ी महाराष्ट्र में सरकार बनाती दिख रही है। वहीं हरियाणा में भाजपा को कांग्रेस पार्टी कड़ी टक्कर दे रही है। हरियाणा में त्रिशंकु सरकार की उम्मीद है और किंग मेकर की भूमिका में हैं दुष्यंत चौटाला। वहीं महाराष्ट्र में शिवसेना पहले से बेहतर करती दिख रही है। इसका पूरा श्रेय उद्धव ठाकरे को जाता है। सीधे और साफ शब्दों में कहें तो इन दोनों राज्यों के चुनाव में दुष्यंत चौटाला और उद्धव ठाकरे मुकद्दर के सिंकदर बनकर उभरे हैं।

हरियाणा दुष्यंत चौटाला- किंगमेकर
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 के परिणाम के अब तक के जो रुझान आए हैं उसके मुताबिक जन नायक जनता पार्टी (जेजेपी) किंग मेकर की भूमिका में उभरती दिख रही है। जेजेपी को इस चुनाव में चाभी निशान मिला था। यह सियासी चाभी किस पार्टी का ताला खोलेगी, यह बड़ा सवाल है। वो कांग्रेस और बीजेपी में से किसे चुनेगी? राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दुष्यंत चौटाला कांग्रेस के साथ जाना पसंद करेंगे।

ये है कांग्रेस के साथ जाने की मुख्य वजह
इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि जाटों में बीजेपी के खिलाफ नाराजगी है। यही नाराजगी वाला वोट जेजेपी को मिला है। ऐसे में बीजेपी के साथ जाकर दुष्यंत चौटाला कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहेंगे। क्योंकि उन्हें भविष्य का बड़ा जाट नेता बनना है। जेजेपी और कांग्रेस ने चुनाव के दौरान एक गुप्त समझौता कर रखा था। इसमें दोनों एक-दूसरे को सपोर्ट कर रहे थे। इसलिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ दुष्यंत ज्यादा सहज रहेंगे।

उद्धव ठाकरे- पहले से अच्छा किया, 63 की जगह 66 सीटें
राज्य में बहुमत का आंकड़ा 145 सीटों का है और अब तक के रुझानों में बीजेपी गठबंधन यह आंकड़ा पार कर चुका है। हालांकि, एक दिलचस्प बात ये सामने आ रही है कि गठबंधन का असली फायदा शिवसेना को मिलता दिखाई दे रहा है, जबकि बीजेपी खुद घाटे में दिखाई दे रही है। जेपी 98 और शिवसेना 69 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि कांग्रेस 38 और एनसीपी 40 सीटों पर लीड कर रही है। बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था, जिसमें शिवसेना ने 63 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी ने 122 सीटों पर बाजी मारी थी। लेकिन इस बार दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही हैं और अब तक जो रुझान सामने आ रहे हैं, उसमें बीजेपी घाटे में दिखाई दे रही है।












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