लॉकडाउन के बाद अब उद्धव ठाकरे का एक और बड़ा फैसला, ना मानने पर रुकेगा सैलरी इंक्रीमेंट
महाराष्ट्र में लॉकडाउन का आदेश जारी करने के बाद अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक और बड़ा फैसला लिया है...
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में 31 जुलाई तक लॉकडाउन और मुंबई में धारा 144 लागू करने का आदेश जारी करने के बाद अब उद्धव ठाकरे सरकार ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी विभाग, स्थानीय प्राधिकरण, अधिकारी और कर्मचारी, सरकारी कामकाज में अनिवार्य रूप से मराठी भाषा का इस्तेमाल करें। सरकार की तरफ से जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो संबंधित विभाग प्रमुख उसके खिलाफ कार्रवाई करें। उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों को सजा के तौर पर चेतावनी देने, उनकी रिपोर्ट में ये बात लिखने और सालाना वेतन बढ़ोत्तरी रोकने का आदेश दिया गया है।

पहले भी जारी हुआ था आदेश
मराठी भाषा विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर के मुताबिक, 'अभी भी कई विभाग सरकारी प्रस्ताव जारी करने या बाकी कामकाज में अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई विभागों की वेबसाइट केवल अंग्रेजी में है। इसी तरह कई नगर निगम नोटिस, पत्र और आवेदन केवल अंग्रेजी में जारी कर रहे हैं। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों ने कई बार शिकायत की है। सरकारी कामकाज में मराठी भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर पहले भी सभी विभागों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।'
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कक्षा 1 से 6 तक के लिए मराठी भाषा अनिवार्य विषय
आपको बता दें कि बीते फरवरी में विधानसभा के बजट सत्र में महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों में मराठी भाषा को अनिवार्य विषय बनाने संबंधी विधेयक पास किया था। इसके बाद मई में मराठी भाषा मंत्री सुभाष देसाई और शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने एक बैठक कर इसके बारे में समीक्षा की। बैठक के बाद बयान जारी करते हुए बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 से विभिन्न माध्यमों और शिक्षा बोर्डों के स्कूलों में कक्षा 1 से 6 तक के लिए मराठी भाषा एक अनिवार्य विषय बन जाएगी।

दक्षिणी राज्यों की तर्ज पर महाराष्ट्र
नए सर्कुलर में कहा गया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों को उनकी गलती के पहले कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल ने अपनी भाषाओं को स्कूलों में अनिवार्य विषय के तौर पर रखा हुआ है। इसी तर्ज पर अब महाराष्ट्र ने भी मराठी भाषा को लेकर ये कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर पहले भी आवाज उठती रही है।

मुंबई में धारा 144 लागू
वहीं, आज एक नए आदेश के तहत पूरे मुंबई में धारा 144 लागू कर दी गई। धारा 144 लगने के बाद अब शहर में धार्मिक स्थलों सहित सभी जगहों पर लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी रहेगी। पुलिस ने लोगों से कहा है कि इस दौरान वो केवल जरूरी काम से ही बाहर निकलें। इसके अलावा मुंबई में रात के 9 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। मुंबई में धारा 144 15 जुलाई तक लागू रहेगी।












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