अजीत पवार के साथ गए 3 विधायकों ने कहा-हमें धोखे में रखा गया, हम शरद पवार के साथ
मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत में शनिवार सुबह एक बड़ा उलटफेर तब हुआ जब अजित पवार गुट के समर्थन के बाद बीजेपी ने सरकार बना ली और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने देवेंद्र फडणवीस को सीएम पद की शपथ दिला दी, अचानक हुए इस फैसले से मुंबई से लेकर दिल्ली तक की सियासत हिल गई, लोगों को समझ ही नहीं आया कि ये क्या हुआ, हालांकि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि बीजेपी के साथ अजीत पवार गए हैं ना कि एनसीपी, वो चले तो गए हैं लेकिन सरकार नहीं बना पाएंगे।

अजीत पवार सरकार नहीं बना पाएंगे: शरद पवार
अब से थोड़ी देर पहले मुंबई में एनसीपी-शिवसेना की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी ने सरकार बनाने का फैसला किया था, हमारे पास करीब 170 विधायकों का समर्थन था, सुबह अचानक अजित पवार के डिप्टी सीएम बनने का पता चला, शरद पवार ने कहा कि अजित पवार के साथ 11 विधायक गए थे, इसमें तीन विधायक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए हैं, खैर हमारे पास नंबर है और सरकार तो हम ही बनाएंगे, रहा सवाल अजित पवार पर एक्शन का तो वो पार्टी की अनुशासनात्मक कमेटी लेगी।
हम शरद पवार के साथ हैं: विधायक राजेंद्र शिंगने
शरद पवार के बाद अजीत पवार के साथ गए विधायक राजेंद्र शिंगने ने कहा कि हमें अजित पवार ने फोन किया था, हमें नहीं पता था कि हमें कहां ले जाया जा रहा है, वो विधायक दल के नेता थे तो उनका फोन आया, इसलिए हम चले गए, हमें शपथग्रहण का बिल्कुल अंदाजा नहीं था लेकिन हम शरद पवार के साथ थे और हैं।
अजीत पवार एनसीपी विधायक दल के नेता हैं ...
गौरतलब है कि अजीत पवार एनसीपी विधायक दल के नेता हैं और यही कारण है कि सभी विधायकों के हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र भी उन्हीं के पास था। सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार को उनके इरादे की भनक लगती कि इसके पहले, अजीत पवार ने बीजेपी को समर्थन देने का फैसला कर लिया, हालांकि, पार्टी के नेता नवाब मलिक का दावा है कि कोई भी विधायक अजीत पवार के साथ नहीं है। नवाब मलिक ने कहा, 'हमने उपस्थिति के लिए विधायकों से हस्ताक्षर लिए थे, शपथ के लिए इसका दुरुपयोग किया गया।'












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