बिहार में सुशासन की परिभाषा: हत्या, लूट, रेप, डकैती..
पटना( मुकुन्द सिंह )। लगातार बिहार में बढ़ रहे अपराध को देखकर राज्य की जनता अंदर ही अंदर सिसकती नजर आ रही है। राज्य का कोई भी ऐसा कोना नहीं है जहां अपराधियों का नंगा नाच नहीं चल रहा हो। सिवान में पत्रकार को सरेआम गोली मार दी जाती है, उसी रात बक्सर के पास ट्रेन में डकैती के लिए पुलिस वाले पर गोली चलती है।
जिसमें एक पुलिस वाले की मौत हो जाती है।तो अगले दिन सासाराम में एक व्यवसाई को फोन आता है अगर बेटे की जिंदगी चाहते हैं तो 5 लाख दो।
ऐसा लग रहा है जैसे बिहार में बेखौफ अपराधी सुशासन को चैलेंज कर रहे हैं तो वहीं गया में सत्ताधारी दल के विधायक के बेटे ने एक छात्र की हत्या अपनी नई लैंड रोवर कार को पास नहीं देने पर कर दी जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई, उसके दर्द की सिसकियां कम होती कि इसी बीच अपराधियों ने सिवान में एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी।
अपराधियों का खौफ आम लोगों के साथ साथ खाकी पर भी
अब अपराधियों का खौफ आम लोगों के साथ साथ खाकी पर भी नजर आने लगा है। अपराधियों ने सुबे की सरकार को चुनौती देते हुए शनिवार सुबह दो वर्दीधारी पुलिस की गोली मारकर हत्या कर दी।
बिहार में सुशासन की परिभाषा: हत्या, लूट, रेप, डकैती..
इस समय पूरा बिहार बैंक डकैती ,चोरी ,लूट ,रंगदारी अपहरण ,बलात्कार , हत्या जैसी चीजों से दो चार है जिससे कभी निपटारा मिलेगा भी..यह भी कहना मुश्किल है। हालात देखकर तो यही लगता है कि नीतीश कुमार के सूबे के सुशासन की परिभाषा है हत्या, लूट, रेप, डकैती...।
बिहार में सुशासन की परिभाषा: हत्या, लूट, रेप, डकैती..













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