'जब उसका बेटा मरेगा, तब समझेगा' पहलगाम हमले में मारे गए विनय नारवाल के पिता का पाकिस्तान जनरल को कड़ा संदेश
Vinay Narwal Father Reaction: अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले The Resistance Front (TRF) को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। इसमें 26 वर्षीय लेफ्टिनेंट विनय नरवाल आतंकियों के दहशत का शिकाप हो गए थे। विनय नरवाल, की शादी के महज सात दिन ही हुए थे, जब वे पत्नी के साथ हनीमून पर गए थे जहां 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में उनकी शहादत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
अब, महीनों बाद शहीद विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने CNN-News18 से बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया दी। राजेश नरवाल ने कहा, "पाकिस्तान के आर्मी जनरल असीम मुनीर उस दिन मेरे दर्द को समझ पाएंगे, जब उनके अपने बेटे या बेटी को कोई आतंकवादी छीन लेगा।"

उन्होंने TRF को आतंकवादी संगठन घोषित करने को एक अहम कदम बताते हुए कहा कि यह आतंक के ढांचे को तोड़ने की दिशा में पहला सही कदम है।
यह पीढ़ी भूल नहीं पाएगी पहलगाम हमला: Rajesh Narwal
राजेश नरवाल ने भावुक होते हुए कहा, "यह पीढ़ी पहलगाम हमले को कभी नहीं भूलेगी। यह प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री के प्रयासों का परिणाम है कि TRF को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।"
उन्होंने कहा कि जब से बेटा गया है, तब से मन में कोई शांति नहीं है दिमाग पूरी तरह से खाली है, रात को नींद नहीं आती। उन्होंने भारत सरकार और भारतीय सेना को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर बधाई भी दी।
अमेरिका ने TRF को घोषित किया आतंकी संगठन
The Resistance Front (TRF) को अमेरिका ने Foreign Terrorist Organisation (FTO) और Specially Designated Global Terrorist (SDGT) की सूची में डाल दिया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह फैसला राष्ट्रपति ट्रंप की "न्याय की पुकार" को दर्शाता है, जो पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के लिए न्याय चाहता था। TRF को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI द्वारा प्रायोजित बताया गया है, और इसे लश्कर-ए-तैयबा की छाया इकाई माना जाता है। TRF भारत में कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की जवाबी कार्रवाई
22 अप्रैल को हुए हमले में 26 नागरिकों की जान चली गई थी। भारत सरकार ने इस नृशंस हमले के जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई ने न सिर्फ आतंकियों की कमर तोड़ी, बल्कि दुनिया को यह भी दिखा दिया कि भारत अब चुप नहीं बैठने वाला।
हिमांशी नरवाल की तस्वीर बनी देश का दर्द
विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल की वह तस्वीर, जिसमें वह अपने पति के शव के पास बैठी थीं, आज भी लोगों की आंखों में आंसू ला देती है। वह दृश्य न सिर्फ इस आतंकी हमले की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि उस शून्य को भी दिखाता है जो आतंकवाद किसी परिवार में छोड़ जाता है।
लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है - यह मानवता के खिलाफ जंग है। TRF को आतंकी संगठन घोषित करना सही दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन परिजनों का दर्द तब तक कम नहीं होगा, जब तक आतंकवाद की जड़ें पूरी तरह से नष्ट नहीं की जातीं।












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