कोर्ट पहुंचा 'लव जिहाद', केंद्र, यूपी और चुनाव आयोग से जवाब तलब
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रहा लव जिहाद का मुद्दा अब अदालत में पहुंच गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने गुरुवार को लव जिहाद के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से 10 दिनों के अंदर जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि लव जिहाद को चुनावी मुद्दा बनाने वालों पर क्या कार्रवाई की गई है। अदालत ने केंद्र सरकार, उप्र सरकार और चुनाव आयोग से 15 सितंबर तक इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।

उच्च न्यायालय का यह आदेश एक जनहित याचिका के बाद आया है। यह याचिका वकील पंकज तिवारी ने दायर की थी। तिवारी ने अपनी याचिका में कहा है कि लव जिहाद जैसे शब्द पर प्रतिबंध लगाया जाए। यह देश का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ रही है। उन्होंने इस मुद्दे को भड़काने के मामले में कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्र और गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ के उपचुनाव के दौरान प्रचार पर रोक लगाने की मांग की है।
याचिका में इन पर लव जिहाद को राजनीतिक एजेंडा बनाने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि वह बताए कि सांप्रदायिक हिंसा की रोकथाम के लिए उसने क्या किया है। चुनाव आयोग से यह पूछा है कि वह बताएं कि इस माहौल में कैसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करा पाएंगे। इन सब के लिए अदालत ने 15 सितंबर तक की तारीख दी है।












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