'Love jihad' की शिकार हो गईं 400 लड़कियां, 24 साल तक बेटियों की शादी कर दें ईसाई, BJP नेता का बड़ा दावा
Love jihad: केरल के कोट्टयम जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता पीसी जॉर्ज ने एक विवादित बयान देकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने ईसाई समुदाय के लोगों से आग्रह किया है कि वे अपनी बेटियों की शादी 24 साल की उम्र से पहले कर दें, नहीं तो वे 'लव जिहाद' का शिकार हो सकती हैं।
पीसी जॉर्ज ने रविवार को पाला में एक खास सम्मेलन में यह दावा किया कि मीनाचिल तालुक में अकेले ही 400 ईसाई लड़कियां 'लव जिहाद' का शिकार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से केवल 41 को ही वापस लाया जा सका है। उन्होंने यह भी बताया कि 8 मार्च को भी 25 वर्षीय एक लड़की रात साढ़े नौ बजे घर छोड़कर चली गई, जिसकी अब तक तलाश जारी है।

Love jihad: केरल के सिर्फ एक तालुक में 400 ईसाई लड़कियां हुईं शिकार, 24 साल तक बेटियों की शादी कर दें ईसाई- बीजेपी नेता
बीजेपी नेता ने अपने भाषण में जोर दिया कि ईसाई परिवारों को अपनी बेटियों की शादी 22-23 साल की उम्र में ही कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर लड़कियां 28-29 साल की उम्र तक पहुंचकर खुद कमाने लगती हैं, तो वे शादी के लिए तैयार नहीं होतीं और उनकी कमाई सिर्फ उनके परिवार द्वारा इस्तेमाल की जाती है। इसलिए, ईसाई समुदाय को सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी बेटियां 24 साल तक शादी कर लें।'
Love jihad Kerala: लव जिहाद क्या है?
'लव जिहाद' एक ऐसा शब्द है जिसे बीजेपी और दक्षिणपंथी संगठनों ने बड़ा मुद्दा बनाया है। उनका दावा है कि मुस्लिम पुरुष हिंदू और ईसाई लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाते हैं।
हालांकि, केंद्र सरकार ने 2020 में संसद में स्पष्ट किया था कि 'लव जिहाद' जैसा कोई शब्द कानूनन इस्तेमाल में नहीं है और किसी भी केंद्रीय एजेंसी ने इस तरह के मामलों की पुष्टि नहीं की है।
संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने और उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है, बशर्ते कि वह सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अनुरूप हो। इसके अलावा, विभिन्न न्यायालयों, जिनमें केरल हाईकोर्ट भी शामिल है, ने इस मुद्दे पर यही मत रखा है।
Love jihad Kerala: पीसी जॉर्ज और विवादित बयानबाजी
यह पहली बार नहीं है जब पीसी जॉर्ज ने इस तरह का बयान दिया हो। कुछ हफ्ते पहले ही उन्हें एक अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह न्यायिक हिरासत में भी भेजे गए थे, लेकिन 28 फरवरी को उन्हें जमानत मिल गई थी। (इनपुट-पीटीआई)












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