किसान संगठन की केंद्र को चेतावनी, कहा-कल सरकार के पास आखिरी मौका, वरना...
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन हर दिन विशाल होता जा रहा है। अगल-अलग किसान संगठनों की ओर से सराकर को लगातार अल्टीमेटम मिल रहे हैं। लोक संघर्ष मोर्चा की अध्यक्ष प्रतिभा शिंदे ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि, हम महाराष्ट्र के हर जिले में कल और गुजरात में 5 दिसंबर को केंद्र सरकार के खिलाफ पुतला दहन करके विरोध प्रदर्शन करेंगे। कल सरकार के पास कानूनों को वापस लेने का आखिरी मौका है, नहीं तो यह आंदोलन और बड़ा होगा और सरकार गिर जाएगी।
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उधर क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि, हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार को कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए विशेष संसद सत्र बुलाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि, हमने टिकैत जी (भारतीय किसान यूनियन) से भी बात की है. उन्होंने हमें कहा है कि वो हमारे साथ हैं। हम इस संघर्ष में साथ हैं। दिल्ली बॉर्डर पर किसान संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक बार फिर अपने इरादे साफ कर दिए हैं।किसानों का कहना है कि सरकार लंबी चर्चा करके टरकाने की कोशिश कर रही है।
किसान नेता ने कहा- केंद्र से बातचीत के लिए किसानों की छोटी कमेटी नहीं बनेगी। उधर ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन कमेटी के संयोजक सरदार वीएम सिंह ने कहा कि, गृह मंत्री ने कहा है कि सरकार उन किसानों से बात करेगी , जो बुराड़ी में बैठेंगे। उनकी अपील के बाद उत्तराखंड और यूपी के किसाम यहां आए, लेकिन सरकार ने हमें कल हुई बातचीत में नहीं बुलाया। इससे लगता है कि सरकार उनसे बात करेगी जो कानून को अपने हाथ में लेंगे। अब जब सरकार ने यूपी और उत्तराखंड के किसानों को धोखा दे दिया है, इसलिए बुराड़ी में अब रुकने का कोई फायदा नहीं।
वहीं दूसरी ओर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि, कल 3 दिसंबर को किसान यूनियन के लोग आने वाले हैं, वो अपना पक्ष रखेंगे, सरकार अपना पक्ष रखेगी। देखते हैं कहां तक समाधान हो सकता है। भारतीय किसान यूनियन को जो ड्राफ्ट देना था वो रात तक आएगा। हम इंतजार में हैं। जब उनका ड्राफ्ट आएगा तो हम कल उस पर चर्चा करेंगे।












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