भारत मां की हत्या की बात पर कांग्रेसियों ने थपथपाई मेज, जमकर बरसीं स्मृति ईरानी
भारत मां की हत्या की बात पर कभी मेज नहीं थपथपाई गई, आज कांग्रेसियों ने सदन में यह भी कर दिया
Smiriti Irani in Lok Sabha Updates: लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का आज दूसरा दिन है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जमकर केंद्र सरकार पर हमला बोला, उन्होंने कहा कि 'मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की गई है।' जिसका जवाब भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने दिया।

उन्होंने कहा कि 'पहली बार राष्ट्र के इतिहास में भारत माता की हत्या की बात कही गई और कांग्रेस पार्टी यहां पर तालियां बजाती रही, इससे शर्मनाक कुछ हो नहीं सकता, इन्होंने इस बात का संकेत पूरे देश को दिया कि मन में गद्दारी किसके है?मणिपुर खंडित नहीं है, विभाजित नहीं है, मेरे देश का हिस्सा है।'
'भारत का मतलब मात्र उत्तर भारत'
'आपके सहयोगी दल के नेता ने तमिलनाडु में कहा, भारत का मतलब मात्र उत्तर भारत है। राहुल गांधी में हिम्मत है, तो डीएमके के अपने साथी का खंडन करके बताएं. कांग्रेस के एक नेता कश्मीर को भारत से अलग करने की बात करते हैं, अरे इनका बस चले तो ये आज फिर कश्मीर में धारा 370 फिर लागू कर दें।'
'कांग्रेस का इतिहास खून से सना है'
संसद में बोलते हुए ईरानी ने कहा कि 'आज मैं सब की बातें करूंगी। ये इंसाफ की बातें करते हैं, इन्हें कश्मीरी पंडितों का दर्द क्यों नहीं दिखाई दिया? जिन वादियों को हिंदुस्तान ने खून से सना देखा है, वह कांग्रेस की वजह से था, वहां की बेटियों को जब प्रताड़ित किया जाता था तो वहां कानून का सहारा नहीं था, सच तो ये है कि इनका इतिहास खून से सना है।'
'घुटने के दर्द के बारे में कुछ नहीं कहूंगी...'
'मैं इनके घुटने के दर्द के बारे में कुछ नहीं कहूंगी लेकिन इन्हें भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कश्मीर में बर्फ के गोले से खेलते हुए देखा गया था, ये तभी संभव हुआ जब वहां से धारा 370 हटा दी गई।
'...तब इनके मुंह से एक बोली नहीं निकली'
स्मृति ने अपने भाषण में गिरिजा टिक्कू, शीला भट्ट के साथ हुई घटनाओं का भी जिक्र किया है, उन्होंने कहा कि 'अभी हाल में राजस्थान के भीलवाड़ा में 14 साल की बेटी के साथ गैंगरेप किया गया, उसके बाद उसे काटा गया और बंगाल में 60 साल की महिला के साथ उसके नाती के सामने उसका बलात्कार हुआ, तब इनके मुंह से एक बोली नहीं निकली और आज ये इंसाफ की बातें करते हैं।'
'हम नहीं भागे, ये लोग भागे'
मणिपुर मामले में हमने चर्चा की बात कही थी, हमारे गृहमंत्री ने कहा कि 'हम तैयार हैं, माननीय राजनाथ सिंह ने भी कहा कि हम चर्चा करेंगे लेकिन ये ही लोग नहीं आए क्योंकि इनके पास कुछ बोलने के लिए था ही नहीं, हम नहीं भागे, ये लोग भागे।'












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