पूर्व DGP का दावा, 'EVM में वोट दिया किसी को, VVPAT में पर्ची किसी और की निकली'

पूर्व डीजीपी ने दावा किया है कि जिस प्रत्याशी के नाम के आगे उन्होंने बटन दबाया, वीवीपैट में उसके बजाय किसी और के नाम की पर्ची निकली।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) की गहमागहमी के बीच ईवीएम (EVM) से छेड़छाड़ का मुद्दा एक बार फिर गर्माने लगा है। देश में अभी तक हुए तीन चरण के मतदान में विपक्ष की ओर से कई बार ईवीएम पर सवाल खड़े किए जा चुके हैं। अब असम के पूर्व डीजीपी हरेकृष्ण डेका (Ex DGP Harekrishna Deka) ने ईवीएम और वीवीपैट (VVPAT) को लेकर एक बड़ा आरोप लगाया है। पूर्व डीजीपी हरेकृष्ण डेका ने अपने आरोप में कहा है कि गुवाहाटी के एक पोलिंग बूथ पर वीवीपैट मशीन में खराबी थी, क्योंकि जिस प्रत्याशी को उन्होंने अपना वोट दिया, वीवीपैट में उसकी जगह किसी और उम्मीदवार की पर्ची दिखाई दी। डेका ने कहा कि उन्होंने उस वक्त इसलिए मामले की शिकायत दर्ज नहीं कराई, क्योंकि उन्हें लगा कि अगर उनका दावा झूठा निकला तो उन्हें सजा हो सकती है।

'किसी और प्रत्याशी के नाम की पर्ची निकली'

'किसी और प्रत्याशी के नाम की पर्ची निकली'

असम के पूर्व डीजीपी हरेकृष्ण डेका ने बताया, 'मेरा पोलिंग बूथ लचित नगर के एलपी स्कूल में था और उस बूथ पर वोट डालने के लिए सबसे पहले अंदर जाने वाला शख्स मैं ही था। वोटिंग थोड़ी देर से शुरू हुई थी, लेकिन मुझे इसका कारण नहीं पता। इसके बाद जब मैंने ईवीएम में अपना वोट डाला तो वीवीपैट में मुझे उस प्रत्याशी का नाम नहीं दिखा, जिसके नाम के आगे बटन दबाकर मैंने वोट दिया था। वीवीपैट में किसी और प्रत्याशी के नाम की पर्ची निकली। मैंने वहां मौजूद पोलिंग अधिकारियों को बताया कि इसमें कुछ गड़बड़ है। जवाब में उन्होंने मुझसे कहा कि आप चाहें तो अपने वोट की जांच के लिए चैलेंज कर सकते हैं।'

'शिकायत झूठी निकली तो मुझे 6 महीने की सजा होगी'

'शिकायत झूठी निकली तो मुझे 6 महीने की सजा होगी'

हरेकृष्ण डेका ने आगे बताया, 'पोलिंग अधिकारियों ने मुझसे कहा कि इसके लिए मुझे उन्हें 2 रुपए देने होंगे, वो मुझे एक रसीद देंगे और वोट की जांच हो जाएगी। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि अगर मेरी शिकायत झूठी निकली तो मुझे 6 महीने जेल की सजा होगी। मैं ये खतरा मोल नहीं लेना चाहता था। मैं ये नहीं जानता था कि मैं अपनी बात को सही साबित कैसे करूंगा। इसलिए मैंने शिकायत दर्ज ना कराने का ही फैसला लिया और पोलिंग बूथ से अपने घर वापस लौट आया।' गौरतलब है कि असम में लोकसभा की 14 सीटें हैं और बीते मंगलवार को वहां बची हुई चार सीटों के लिए तीसरे व अंतिम चरण में वोट डाले गए थे।

मायावती-अखिलेश उठा चुके हैं सवाल

मायावती-अखिलेश उठा चुके हैं सवाल

आपको बता दें कि ईवीएम को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पिछले दिनों बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहा था, 'सत्ताधारी बीजेपी को इस लोकसभा चुनाव में आम जनता द्वारा बुरी तरह से नकारे जाने का ही परिणाम है कि अब बीजेपी वोट से नहीं बल्कि नोटों से, ईवीएम की धांधली से, पुलिस/प्रशासन तंत्र के दुरुपयोग से और ईवीएम में चुनाव कर्मचारियों से ही बटन दबवाकर आदि धांधलियों से चुनाव जीतना चाहती है।' वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी तीसरे चरण के मतदान के दौरान कहा, 'पूरे देश में ईवीएम में खराबी या बीजेपी के लिए मतदान, डीएम कहते हैं कि ईवीएम के संचालन के लिए मतदान अधिकारी अप्रशिक्षित हैं। 350 से अधिक ईवीएम को बदला जा चुका है। यह एक आपराधिक लापरवाही है। क्या हमें डीएम पर यकीन करना चाहिए, या कुछ और अधिक भयावह है?'

चंद्रबाबू नायडू बोले, हैक हो सकती है EVM

चंद्रबाबू नायडू बोले, हैक हो सकती है EVM

इसके अलावा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी ईवीएम की हैकिंग को लेकर सवाल उठाए थे। चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'ईवीएम को कहीं से भी नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसी अफवाहें हैं कि रूस के लोग ईवीएम को हैक कर रहे हैं। मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता हूं लेकिन ऐसा कहा जाता है कि अगर आप उन्हें करोड़ों रुपए देते हैं तो वे आपकी जीत को पक्का कर देते हैं। ईवीएम को कई तरीकों का उपयोग करके आसानी से हैक किया जा सकता है। दुनिया में सिर्फ 18 देश ईवीएम का उपयोग कर रहे हैं।'

ये भी पढ़ें- असम में क्या कहते हैं अभी तक के सियासी आंकड़े

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