वायनाड के अलावा उत्तर भारत से भी लड़ें राहुल गांधी, कांग्रेस को मुस्लिम लीग ने क्यों दी ये सलाह?
Kerala Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस पार्टी के सबसे पुराने सहयोगियों में शामिल मुस्लिम लीग को लगता है कि राहुल गांधी को केरल की वायनाड सीट के अलावा उत्तर भारत की किसी सीट का भी विकल्प तलाशना चाहिए। यह सुझाव ऐसे मौके पर आया है, जब बीजेपी उनपर अमेठी सीट छोड़कर भागने का आरोप लगा रही है।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के महासचिव पीके कुन्हालीकुट्टी का कहना है अगर राहुल गांधी के वायनाड के अलावा उत्तर भारत की किसी सीट से भी चुनाव लड़ने से इंडिया ब्लॉक को ज्यादा सीटें मिलने में मदद मिलती है तो उन्हें ऐसा करना चाहिए।

अमेठी सीट की उम्मीदवारी पर असमंजस में कांग्रेस
बता दें कि कांग्रेस पार्टी यूपी में अभी तक रायबरेली और अमेठी सीट से उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाई है। राहुल गांधी पिछली बार अमेठी में चुनाव हार गए थे और इस बार कांग्रेस पार्टी अमेठी में उम्मीदवार घोषित करने में जितनी देरी कर रही है, उससे बीजेपी आरोप लगा रही है कि वह अमेठी से चुनाव लड़ने से भाग रहे हैं। क्योंकि, वह क्योंकि वायनाड सीट इसे इस बार भी मैदान में हैं।
राहुल एक और चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते?- मुस्लिम लीग
कुन्हालीकुट्टी ने शनिवार को कहा,'बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनाव में हारने का डर सता रहा है। मोदी के हालिया इंटरव्यू में उनकी प्रतिक्रिया में डर का संकेत साफ है। मोदी ने दावा किया कि चुनाव के दूसरे चरण के बाद राहुल उत्तर भारत में एक और सीट खोजेंगे। वे एक और सीट से चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते? हम इसका समर्थन करते हैं।'
उत्तर भारत से भी लड़ें राहुल गांधी- मुस्लिम लीग
वे बोले, 'केरल के लोगों के लिए यह जरूरी नहीं है कि राहुल को यहां रहना चाहिए। लोग मुख्य रूप से केंद्र में कांग्रेस पार्टी की अगुवाई में धर्मनिरपेक्ष सरकार चाहते हैं। अगर राहुल के उत्तर भारत के सीट से लड़ने से पार्टी को ज्यादा सीटें हासिल करने में मदद मिलती है, तो यह निश्चित रूप से अच्छा होगा। हालांकि, आखिरी फैसला कांग्रेस को करना चाहिए।'
राहुल को वायनाड में मतदान खत्म होने का इंतजार?
केरल में 26 अप्रैल को चुनाव है और तबतक अमेठी में नामांकन भरने की अंतिम तारीख बची रहेगी। ऐसी अटकलें हैं कि राहुल अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए वायनाड में मतदान खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि, वायनाड में नामांकन के दौरान वे दावा कर चुके हैं कि 'वायनाड मेरा घर है, वायनाड की जनता मेरा परिवार है।'
कांग्रेस को दुविधा से बचाने के लिए आगे आई मुस्लिम लीग!
ऐसे में माना जा रहा है कि अमेठी से चुनाव लड़ने की घोषणा से उन्हें वायनाड में नुकसान होने का डर सता रहा है। बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी वजह से उन्हें सियासी मोर्चे पर घेरने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस को इसी दुविधा और विरोधियों के हमले से बचाने के लिए मुस्लिम लीग आगे आई है!
वायनाड में राहुल के सामने दो-दो कद्दावर प्रत्याशी
कांग्रेस नेता 2019 में वायनाड से बड़ी अंतर से जीते थे। लेकिन, अबकी बार उनके सामने दो-दो कद्दावर उम्मीदवार और पार्टियां चुनाव मैदान में हैं। एलडीएफ से खुद सीपीआई महासचिव डी राजा की पत्नी एनी राजा उनके मुकाबले में उतरी हुई हैं तो भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन को उतारा हुआ है।
पिछली बार सीपीआई ने यहां एनी राजा की तरह किसी कद्दावर नेता को मौका नहीं दिया था। वहीं बीजेपी ने भी यह सीट एनडीए में अपनी एक सहयोगी के लिए छोड़ दी थी। लेकिन, इस बार दोनों ओर से बेहद कड़े मुलाबले की वजह से यहां त्रिकोणीय लड़ाई की संभावना बन रही है।












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