Lok Sabha Election: 'अपरिपक्व और हास्यास्पद', उद्धव ठाकरे के लिए गडकरी ने ऐसा क्यों कहा?
Lok Sabha Election News: शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जो भी सोचकर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया हो, लेकिन बीजेपी नेता ने उन्हें तगड़ी लताड़ लगा दी है।
नितिन गडकरी ने एमवीए से लोकसभा चुनाव लड़ने के उद्धव के 'निमंत्रण' को 'अपरिपक्व और हास्यास्पद' करार दिया है। गडकरी अभी महाराष्ट्र की नागपुर लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद हैं और 2014 और 2019 दोनों आम चुनावों में वहां बड़ी जीत दर्ज की थी।

'सुझाव अपरिपक्व और हास्यास्पद है'
दरअसल, जब बीजेपी के 195 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में नितिन गडकरी का नाम नहीं आया था तो उद्धव ने उन्हें यह ऑफर दे दिया था। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए गडकर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा है कि 'सुझाव अपरिपक्व और हास्यास्पद है। बीजेपी में उम्मीदवारों को टिकट देने की एक व्यवस्था है।'
66 वर्षीय गडकरी भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने भी इस बात पर भरोसा जताया है कि प्रधानमंत्री तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे और इस बार के चुनाव में एनडीए 400 से ज्यादा सीटें जीतेगा।
हाल ही में एक इंटरव्यू में गडकरी से जब उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी के बारे में सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि यह पार्टी (भाजपा) तय करेगी और उसपर पहला अधिकार उनके कार्यकर्ताओं को होगा।
उन्होंने अपने बेटे के राजनीति में आने पर कहा था कि वे आ सकते हैं, लेकिन उसकी शुरुआत आरंभ से करनी होगी। सिर्फ उनके बेटे हैं इस वजह वे उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी नहीं बन सकते। राजनीति में उनपर उनकी पार्टी और कार्यकर्ताओं का हक पहले है।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा था?
जब बीजेपी की पहली लिस्ट जारी हुई थी, तो एक सभा में उद्धव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को छोड़ देने का आरोप लगाते हुए उसपर तीखा हमला बोला था।
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम ने कहा था,'उन्हें (गडकरी को) महाराष्ट्र की शक्ति दिखानी चाहिए और दिल्ली के सामने झुकने की जगह इस्तीफा देना चाहिए। हम एमवीए उम्मीदवार के तौर पर उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे।'
उद्धव ने ऐसे समय में भाजपा के वरिष्ठ नेता को इस तरह का ऑफर दिया था, जब खुद उनके गठबंधन की सीटें ही तय नहीं हैं।
महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास अघाड़ी में शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी शरदचंद पवार शामिल हैं। वहीं बीजेपी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना, एनसीपी सरकार का हिस्सा है।
राज्य में भाजपा के सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है, इसलिए पार्टी ने पहली लिस्ट में राज्य के उम्मीदवारों के नाम नहीं घोषित किए हैं। महाराष्ट्र में यूपी की 80 सीटों के बाद सबसे ज्यादा 48 लोकसभा सीटें हैं।












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