Haryana: बीजेपी से क्यों नाराज हो गए अनिल विज? सीएम नायब सिंह सैनी के शपथग्रहण में भी नहीं पहुंचे?
Haryana New CM Nayab Singh Saini: हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को अचानक मुख्यमंत्री बदल दिया। पहले मनोहर लाल खट्टर ने इस्तीफा दिया और शाम को नायब सिंह सैनी ने गद्दी संभाल ली।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ पांच मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई है, लेकिन इसमें खट्टर सरकार में गृहमंत्री रहे बीजेपी के दिग्गज नेता अनिल विज शामिल नहीं हैं। संभावना है कि जल्द ही एक और मंत्रिमंडल विस्तार देखने को मिल सकता है।

नायब सिंह सैनी के नाम से खुश नहीं हैं अनिल विज!
जानकारी के मुताबिक जैसे ही खट्टर के इस्तीफे के बाद विधायक दल का नया नेता चुनने के लिए बीजेपी विधायकों की बैठक हुई और उसमें नायब सिंह सैनी का नाम सामने आया, अनिल विज नाखुशी जताते हुए वहां से निकल गए। जाते हुए उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी भी नहीं ली। उनकी नाराजगी पर पूर्व मनोहर लाल खट्टर का क्या कहना है, वह पूरा वीडियो आप आगे देख सकते हैं।
नई सरकार के शपथग्रहण में भी नहीं पहुंचे
पता चला कि अपने से काफी जूनियर नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात उन्हें इतनी खटकी कि वे चंडीगढ़ में शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए रुकने के बजाए अंबाला निकल लेना बेहतर समझा।
विज को मनाने के लिए पार्टी ने सांसद संजय भाटिया को उनके पीछे भेजा, लेकिन शपथग्रहण में उनकी गैर-मौजूदगी से साफ हो गया कि वे अभी भी शांत नहीं हुए हैं।
कौन हैं अनिल विज?
6 बार के एमएलए अनिल विज हरियाणा में उन दिनों से भाजपा की राजनीति कर रहे हैं, जब पार्टी के दो ही विधायक होते थे, जिसमें एक अनिल विज थे। विभिन्न मुद्दों पर अपनी बेबाकी के लिए भी अनिल विज जाने जाते हैं।
1990 पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता जब राज्यसभा में गईं तो उनकी खाली हुई अंबाला कैंट सीट से उपचुनाव लड़कर वे पहली बार में ही विधायक बने थे। एमएलए बनने के लिए उन्होंने एसबीआई की नौकरी भी छोड़ दी थी। उसके बाद वे दो बार निर्दलीय भी चुनाव लड़े और जीते भी।
सैनी का नाम सुनकर क्यों नाराज हो गए अनिल विज?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब खट्टर ने लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी की रणनीति के तहत अपनी कुर्सी छोड़ी तो विज को उम्मीद थी कि वरिष्ठता के आधार पर पार्टी उनके नाम पर विचार करेगी। लेकिन, जब उनके सामने खट्टर के करीबी और काफी जूनियर सैनी का नाम आगे किया गया तो वे काफी नाराज हो गए।
एक स्वभाव है थोड़ा नाराज जल्दी होते हैं- पूर्व सीएम खट्टर
हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने विज की नाराजगी की पुष्टि करते हुए कहा है कि 'अनिल विज जी हमारे बहुत ही श्रेष्ठ और वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं....अनिल विज से मेरा संबंध 1990 से है..इनसे (नायब सैनी) तो 1996 से संपर्क बना....जब पहली बार (विज को) उपचुनाव इलेक्शन लड़ाया था, उस समय मैं संघ का प्रचारक था।'
उन्होंने कहा कि 'किसी बात पर नाराज हुए थे, वो घटना भी याद है...एक स्वभाव है थोड़ा नाराज जल्दी होते हैं, लेकिन नाराज होने के बाद बहुत जल्दी ठीक भी होते हैं.....बहुत बार नाराज हुए हैं...बहुत बार ठीक भी हुए हैं....'
उन्होंने कहा अभी मेरा मन नहीं है- खट्टर
'मेरा भरोसा है.....हमने बात की है...उन्होंने कहा अभी मेरा मन नहीं है....मन नहीं है तो बहुत दबाव देकर काम नहीं कराए जाते....हम फिर बात करेंगे...नए सीएम भी बात करेंगे......केंद्रीय नेतृत्व भी बात करेगा....मुझे लगता है कि मन उनका साफ है...।'
सैनी के साथ पांच मंत्रियों ने ली शपथ
मुख्यमंत्री सैनी के साथ राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने जिन लोगों को शपथ दिलाई है, उनमें कंवर पाल गुर्जर, मूलचंद शर्मा, रंजीत सिंह चौटाला, जय प्रकाश दलाल और डॉ बनवारी लाल शामिल हैं।
इनमें से चार भाजपा के विधायक हैं और रंजीत सिंह चौटाला निर्दलीय विधायक हैं। सारे पिछली सरकार में भी मंत्री थे। रंजीत सिंह चौटाला पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के बेटे और हरियाणा के पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के भाई हैं। वहीं वे जननायक जनता पार्टी के चीफ दुष्यंत चौटाला के चचेरे दादा भी हैं।
90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में बीजेपी के 41 एमएलए हैं और नई सरकार को 6 निर्दलीय विधायकों की ओर से भी समर्थन मिलने की भी बात है। वहीं जननायक जनता पार्टी के 4 विधायकों के भी शपथग्रहण में मौजूद रहने की चर्चा है।












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