लोकसभा चुनाव लड़ने की चाह में किसान ने बेची अपनी जमीन, नामांकन से पहले हो गया बड़ा खेला, क्या है पूरा मामला?
Lok Sabha Election 2024: देश में लोकसभा चुनाव जारी है। चार चरण के लिए मतदान हो चुका है और पांचवे चरण के लिए वोटिंग 20 मई को होनी है। लोकसभा चुनाव में सभी दलों ने अपने-अपने प्रत्यासी मैदान में उतारे हैं। कई निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन चुनाव लड़ने का असली क्रेज तो उत्तर प्रदेश के भदोही में देखने को मिला।
इस चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दल के साथ-साथ आम लोगों को किस्मत आजमाता देख भदोही के एक किसान के मन में भी चुनाव लड़ने की इक्षा जागी। चुनाव लड़ने की तो किसान ने ठान ली लेकिन बात पैसों पर आकर अटक गई। पैसों की कमी उसके चुनाव लड़ने के सपने के आड़े ना आ सके इसलिए उसने अपने खेत को गिरवी रख दिया। लेकिन असली कहानी इसके बाद शुरू होती है...
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जैसे तैसे पैसों का इंतजाम कर किसान जब नामांकन भरने पहुंचा तो उनके साथ खेल हो गया। खेत बेच कर पैसे लेकर जब करण शुक्ला नामक किसान चुनावी मैदान में औपचारिक तौर पर उतरने के लिए जब नामांकन करने कलेक्टर ऑफिस गया तो वहां उसका पर्चा ही रद्द कर दिया गया। दरअसल, किसान ने अपना पर्चा ठीक से नहीं भरा था इस वजह से उसका नामांकन कैंसिल हो गया।
न्यूज18 इंडिया के एक शो के दौरान भदोही में वह किसान भी पहुंचा। करण शुक्ला ने उस दौरान बताया कि वह खाली वक्त में वॉचमैन का काम करते हैं। देश में महंगाई से काफी परेशान होने के कारण वो इस बार लोकसभा चुनाव में नामांकन भरने के लिए गए थे।
चुनाव मैदान में उतरने से पहले ही हो गया खेला
करण ने बताया, "मैं चुनाव लड़ने वाला था। खेत गिरवी रखकर चुनाव लड़ा लेकिन हमारा पर्चा खारिज हो गया। जांच कराईये। मैं बाहर वॉचमैनी करता था।" यह पूछने पर कि उसके दिमाग में चुनाव लड़ने की बात कैसे आई उसने बताया कि महंगाई के कारण उसने ये फैसला लिया। पूछे जाने पर कि क्या आप महंगाई दूर कर देंगे? करण ने कहा, "यह बात मोदी जी तक पहुंचाएंगे।" करण का कहना था कि चुनाव लड़कर मोदी जी महंगाई कि यह बात पहुंचाएंगे। क्योंकी जनता के साथ अन्याय हो रहा है।
किसान के पास 1200 गांव का समर्थन!
जब करण से कहा गया कि वह पैसा क्यों बर्बाद कर रहे हैं? उन्होंने शो में मौजूद कांग्रेस-बीजेपी के उम्मीदवारों की ओर इशारा करते हुए कहा, "तो क्या ये सब भी पैसा बर्बाद कर रहे हैं?" जब उन नेताओं की बड़ी-बड़ी पार्टी है होने का तर्क दिया गया इसपर करण ने कहा, "ये जनता का पैसा है। इतनी महंगाई क्यों हो रही है? एक रुपये की चीज तीन रुपये की हो गई है।" सपोर्टर को लेकर सवाल किए जाने पर उसने कहा, "मेरी सपोर्टर जनता है। 1200 गांव के लोग हैं।"
जनता की सेवा करना ही मकसद
शो के दौरान करण ने अपने एक परिचित की ओर ईशारा करते हुए कहा,"जांच करें, हमारे भाई का भी कॉपी रद्द हुआ है। 17 लोगों का हुआ है।" दूसरे व्यक्ति जिनका नाम दीनानाथ उपाध्याय था, से जब पूछा गया कि इनका दिमाग क्यों खराब कर रहे हो?
उन्होंने जवाब दिया, "इनका दिमाग खराब नहीं। अपना खेत गिरवी रखकर ये चुनाव लड़ रहा है।" खेत बेच देने के बाद परिवार और बच्चों का क्या होगा ये पूछने पर शख्स अपनी बात पर डंटा रहा और बोलै कि मेरा मकसद जनता की सेवा करना है और बाद में इन्हें (जमीन) छुड़वा लेंगे।
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