Rajya Sabha Election: कांग्रेस को तगड़ा झटका, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन हुआ रद्द, क्या भाजपा को होगा फायदा?
Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को मध्य प्रदेश में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जांच प्रक्रिया के दौरान रद्द कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, मीनाक्षी नटराजन पर आरोप है कि उन्होंने नामांकन दाखिल करते समय अपने खिलाफ हैदराबाद में लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई हलफनामे में उसका उल्लेख नहीं किया।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आने पर उनका नामांकन खारिज कर दिया गया। इस फैसले ने कांग्रेस खेमे में हलचल मचा दी है और पार्टी के लिए इसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत 11 मई 2025 को कथित घटना से हुई थी। इसके बाद 20 अगस्त 2025 को शिकायतकर्ता ए. श्रीलता ने हैदराबाद की चौथी अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी अदालत में मीनाक्षी नटराजन समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए।
अदालत ने जारी किया था समन
मीडिया रिपोर्ट के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने 17 सितंबर 2025 को मीनाक्षी नटराजन को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके बाद 24 अक्टूबर 2025 को उनके वकील ने अदालत में जवाब दाखिल करते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया और इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित मामला करार दिया।
मीनाक्षी के खिलाफ मामला खारिज नहीं हुआ
17 नवंबर 2025 को हुई सुनवाई में अदालत ने मामले को खारिज करने से इनकार कर दिया और नियमित सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि यह मामला अभी भी अदालत में लंबित है।
क्या भाजपा उम्मीदवार को होगा लाभ?
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षा नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राज्यसभा की मध्य प्रदेश की तीसरी सीट पर कोई मुकाबला नहीं बचा। ऐसे में भाजपा उम्मीदवार महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो जाएंगे। इसे भाजपा की बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।
संगठन से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सक्रिय रहे हैं महेश केवट
महेश केवट भाजपा के पुराने और सक्रिय संगठनात्मक नेताओं में गिने जाते हैं। वे टीकमगढ़ में जिला उपाध्यक्ष और जिला मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा वे पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से भी जुड़े रहे हैं। राज्यसभा पहुंचने के साथ ही पार्टी ने संगठन के एक अनुभवी कार्यकर्ता को संसद में प्रतिनिधित्व दिया है।
कांग्रेस के लिए क्यों तगड़ा है ये झटका?
राज्यसभा चुनाव के बीच मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होना कांग्रेस की रणनीति और साख दोनों के लिए चुनौती माना जा रहा है। वहीं भाजपा को बिना मुकाबले एक अतिरिक्त सीट मिलना पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। MP News: राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के तीसरे प्रत्याशी महेश केवट ने भरा नामांकन, सीएम मोहन यादव बोले- जीत के लिए संकल्पित हैं हम












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