Congress manifesto के बाद राहुल गांधी का एक और बड़ा वादा, 'संपत्ति' का सर्वे करवाएंगे, फिर उठाएंगे ये कदम
Lok Sabha Election 2024 News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि अगर लोकसभा चुनाव के बाद सत्ता में आए तो एक वित्तीय और संस्थागत सर्वे करवाया जाएगा। इस सर्वे का मकसद ये होगा कि किसके पास कितनी धन-दौलत उसका पता लगाया जा सके। उनके मुताबिक इसके बाद उस धन-दौलत का फिर से बंटवारा किया जाएगा।
तेलंगाना में हैदराबाद के तुक्कुगुड़ा में कांग्रेस के घोषणापत्र को जारी करते हुए कांग्रेस नेता ने एक बार फिर से 'जितनी आबादी, उतना हक' वाले अपने नारे पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि जब उनकी पार्टी सत्ता में आएंगी तो जाति जनगणना से लेकर संपत्ति के वितरण का सर्वेक्षण भी करवाएंगी।

जाति जनगणना के बाद संपत्ति सर्वे- राहुल गांधी
वे बोले, 'पहले हम एक जाति जनगणना कराएंगे...ताकि, पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अल्पसंख्यकों और अन्य जातियों की सही आबादी का पता चल सके। इसके बाद वित्तीय और संस्थागत सर्वेक्षण शुरू होगा।'
आबादी के हिसाब से संपत्ति का भी वितरण-राहुल
उन्होंने आगे कहा, 'इसके बाद हम भारत की संपत्ति, नौकरियों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को इन वर्गों को उनकी आबादी के हिसाब से बांटने करने के ऐतिहासिक कार्य का आगाज करेंगे।'
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछड़ी जातियों, दलितों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों की जनसंख्या भारत में करीब 90% है। लेकिन सरकारी नौकरियों, बड़ी कंपनियों और अन्य क्षेत्रों में उनकी हिस्सेदारी बहुत कम है।
90% आबादी की सरकारी फैसले लेने में कोई हिस्सेदारी नहीं- राहुल
शनिवार को उन्होंने कहा, 'सच्चाई ये है कि भारत की 90% आबादी की सरकारी फैसले लेने में कोई हिस्सेदारी नहीं है। कुल 90 आईएएस ऑफिसर जो देश का प्रशासन चलाते हैं, उनमें सिर्फ 3 पिछड़ी जाति, एक आदिवासी और तीन दलित हैं। देश अगर 100 रुपए खर्च करता है, पिछड़ी जाति का अधिकारी सिर्फ 6 रुपए खर्च करने के फैसले में शामिल होता है।'
तुक्कुगुड़ा वही जगह है जहां तेलंगाना विधानसभा चुनावों से पहले सोनिया गांधी ने 6 गारंटियों का वादा किया था। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को राज्य में सत्ता मिली थी और वह भारत राष्ट्र समिति को कुर्सी से बेदखल करने में सफल हुई थी।
2019 में तेलंगाना में तीसरे नंबर पर रही थी कांग्रेस
शुक्रवार को ही कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनावों के लिए 5 'न्याय' पर फोकस करते हुए अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया है। तेलंगाना में लोकसभा की 17 सीटें हैं और 2019 में कांग्रेस पार्टी यहां सिर्फ 3 सीटें जीतकर तीसरे नंबर पर रही थी।
उसके वोट शेयर भी 30% से कम रहे थे। ऐसे में राज्य में सरकार होने की वजह से उसके सामने चुनौती बड़ी है। क्योंकि, बीआरएस के अलावा बीजेपी भी कड़ी टक्कर दे रही है। पिछली बार भी भाजपा को इससे ज्यादा सीटें मिली थीं। तेलंगाना में एक चरण में 13 मई को मतदान होगा है और चुनाव परिणाम 4 जून को ही घोषित किए जाने हैं।












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